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इलाहाबाद हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अतिक्रमण हटाने के आदेश के खिलाफ अपील की अगली सुनवाई की तिथि पर अंतरिम आदेश अर्जी एवं यथासंभव तीन माह में अपील तय करने का निर्देश दिया है। साथ ही तब तक ध्वस्तीकरण आदेश के अमल पर रोक भी लगा दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने शकील अहमद तथा पांच अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता प्रेम कुमार चौरसिया ने बहस की। इनका कहना था कि बुलंदशहर की तहसील सिकंदरा के गांव झाझर में प्राधिकरण की जमीन से अतिक्त्रस्मण हटाने का फैसला सुनाते हुए 23 दिसंबर को ध्वस्तीकरण कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया।
इस आदेश के खिलाफ याची ने यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण नोएडा के अधिशासी अधिकारी के समक्ष अपील दाखिल की है। किंतु अंतरिम स्थगन अर्जी की सुनवाई नहीं की गई। याची का कहना है कि प्राधिकरण ध्वस्तीकरण कार्रवाई कर सकता है। याची अधिवक्ता की तुरंत सुनवाई की मांग स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अंतरिम स्थगन अर्जी तय होने तक ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
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