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कुंवर रेवती रमण सिंह से मुलाकात करते अविनाश पांडेय और अजय राय।
– फोटो : अमर उजाला
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सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से बढ़ती दूरियों के बीच सियासी जमीन बचाने के लिए दिग्गज नेता रेवती रमण सिंह के कांग्रेस से हाथ मिलाने के बाद भाजपा ने पत्ते फेंटने शुरू कर दिए हैं। सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद इलाहबाद संसदीय सीट से रेवती के पुत्र पूर्व मंत्री उज्जवल रमण सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के संकेत हैं। इसे लेकर भाजपा नई गोटियां खेलने की तैयारी में है। सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की रिपोर्ट और विचार परिवार की राय से इस सीट पर भाजपा सियासतबाजों को चौंका सकती है।
अबकी बार चार सौ के पारा का नारा देने वाली भाजपा उम्मीदवार चयन में किसी तरह की जल्दबाजी या जोखिम नहीं उठाना चाहती है। दिल्ली में तीन तौर की मंत्रणा के बाद कांग्रेस की रणनीति को भांपते हुए भाजपा ने इस सीट को फिलहाल होल्ड कर दिया है। उज्जवल को कांग्रेस की ओर से संभावित प्रत्याशी बताए जाने के बाद अब हर किसी की जुबां पर एक ही सवाल है कि भाजपा इस सीट से किसे अपना उम्मीदवार बनाएगी। रेवती रमण सिंह की यमुनापार में मजबूत पैठ को देखते हुए चर्चा है कि भाजपा इस सीट से मंझे हुए खिलाड़ी को उतारने की तैयारी कर रही है।
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