[ad_1]

आदेश जारी
– फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
विस्तार
अमर उजाला में प्रकाशित विभिन्न विभागों में कार्यरत सात हजार उपनल कर्मचारियों को हटाने की तैयारी से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। खबर का संज्ञान लेते हुए वन विभाग ने कहा कि वित्त विभाग से बात हो चुकी है और इस समस्या का जल्द समाधान कर लिया जाएगा।
अपर प्रमुख वन संरक्षक नियोजन एवं वित्तीय प्रबंधन जीएस पांडे के मुताबिक शासन ने आदेश जारी किया है कि आउटसोर्स के माध्यम से ली गई सेवाओं के भुगतान की मानक मदों का परीक्षण कर लिया जाए। यदि गलत मानक मद से आहरण किया जा रहा है तो उस पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा, निर्देशों के अनुसार पद के सापेक्ष कार्य कर रहे कर्मचारियों को मानक मद आठ से व इसके अलावा आउटसोर्सिंग से ली जा रही सेवाओं का भुगतान मानक मद 27 किया जाना है। हालांकि, इन निर्देशों के बाद श्रमिकों के पारिश्रमिक के भुगतान में कुछ व्यवधान आया है। इस व्यवधान के संबंध में वित्त विभाग से आवश्यक चर्चा कर ली गई है। इसके लिए विभाग में पर्याप्त बजट स्वीकृत है। शीघ्र ही इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
Exclusive: उत्तराखंड में उपनल के 7000 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की तैयारी, कुछ का वेतन रोका
सचिव वित्त दिलीप जावलकर के मुताबिक, कुछ विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में देरी हुई है। वन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में आ रही समस्या को देखते हुए वन मंत्री की अध्यक्षता में बैठक की गई थी। उसमें ऐसे प्रभावित कर्मचारियों की ब्योरा प्राप्त करने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए विभागों से सूचना ली जा रही है। कहा कि ऐसे कितने प्रभावित लोग हैं, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
[ad_2]
Source link