Amit Shah Jammu: जम्मू से शाह ने किया लोकसभा चुनाव का शंखनाद, विकास के आंकड़े से विश्वास बहाली की कोशिश

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From Jammu, Amit Shah inaugurated the Lok Sabha elections, presented figures of development

श्रीनगर में कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री अमित शाह
– फोटो : अमर उजाला

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मां वैष्णो देवी से आशीर्वाद लेकर जम्मू-कश्मीर से लोकसभा चुनाव का शंखनाद किया। सुरक्षित व विकसित जम्मू-कश्मीर के लिए मोदी को जिताने के आह्वान का जम्मूवासियों ने मोदी-मोदी के नारे लगाकर समर्थन किया। विकास और कम होते आतंकवाद के आंकड़े पेशकर उन्होंने जनता में विश्वास बहाली की कोशिश की।

उन्होंने मंच से ही मां वैष्णो दरबार की ओर हाथ जोड़कर प्रार्थना की। उन्होंने सोची समझी रणनीति के तहत अब्दुल्ला-मुफ्ती व गांधी परिवार पर हमले किए। इन तीनों परिवारों को कश्मीरियों की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए यह बताने की भी कोशिश की कि भाजपा के शासनकाल में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद हाशिये पर आ गया है।

अपनी बात को वजन देने के लिए उन्होंने आतंकी घटनाओं तथा इनमें मारे गए लोगों के आंकड़े भी पेश किए। अपने लगभग 21 मिनट के भाषण में उन्होंने विकास व आतंकवाद के आंकड़े पेश कर जनता को यह सच्चाई बताने की कोशिश की कि अब्दुल्ला-मुफ्ती व गांधी परिवार के शासन में जम्मू-कश्मीर का विकास लगभग ठप रहा और आतंकवाद चरम पर रहा।

इन तीनों परिवारों का ही केवल विकास हुआ। आम जनता तो पिसती ही रही। 1947 से लेकर 2014 तक आतंकवाद चरम पर रहा, जिसका दर्द जनता को ही सहना पड़ा। इस अवधि में प्रदेश में 42 हजार लोग मारे गए, लेकिन 2014 के बाद इस पर प्रभावी अंकुश पाया गया।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद तो आतंकवाद लगभग हाशिये पर चला गया है। इसके पारिस्थितिकी तंत्र पर भी हमले किए जा रहे हैं, ताकि यह जड़ से ही समाप्त हो जाए। पांच अगस्त 2019 में जब 370 व 35 ए हटाया गया था तो उसके 45 महीने में बंद की केवल 35 कॉल ही दी गई।

पत्थरबाजी की घटनाओं में 90 फीसदी की कमी आई है। अब आम नागरिक व युवा अपने करिअर में जुटा है। पत्थर की जगह युवाओं के हाथ में लैपटॉप है। शांतिपूर्ण माहौल में पर्यटक भी भारी तादाद में बढ़े जिससे पर्यटन उद्योग में उछाल आया। उन्होंने इन आंकड़ों के जरिये यह बताने की कोशिश की कि भाजपा का विश्वास आतंकवाद को जड़ से मिटाने में है जो हर समस्या की जड़ है। 

आंकड़ों से शाह ने यह भी संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा का विश्वास विकास में है। नई औद्योगिक नीति लाई गई। इससे न केवल जम्मू-कश्मीर में निवेश आया बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित हुए। सरकार ने हर क्षेत्र के लिए काम किया चाहे वह युवा वर्ग हो या फिर किसान या फिर हाउस बोट संचालक। खिलाड़ी हो या फिर आम नागरिक। 

गुज्जरों व पहाड़ियों को भी साधा

शाह ने रैली में आए गुज्जरों व पहाड़ियों को भी साधा। यह बताने की कोशिश की कि 370 हटने के बाद ही गुज्जरों, पहाड़ियों तथा समाज के पिछड़े व वंचित वर्गों को आरक्षण का लाभ मिलना संभव हो पाया है। यदि 370 रहता तो यह संभव नहीं था। उन्होंने गुज्जरों व पहाड़ियों को यह आश्वस्त भी करने की कोशिश की कि गुज्जरों के आरक्षण में एक प्रतिशत की भी कमी नहीं होगी और पहाड़ियों को उनका अधिकार मिलेगा।

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