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police crime
– फोटो : istock
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नौगांवा सादात क्षेत्र में कर्ज में डूबे कार मिस्त्री उस्मान अली (50) से तीन लोगों ने बैंक में लोन का निपटारा करने का झांसा देखकर डेढ़ लाख रुपये हड़प लिए। इससे सदमे में आकर मिस्त्री की जान चली गई। गरीबी एक महीने पहले पीड़ित मिस्त्री ने रुपये हड़पने वाले आरोपियों का नाम लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल की थी।
परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है। मृतक उस्मान अली नौगांवा सादात के मोहल्ला इस्लामनगर के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी रिहाना के अलावा चार बच्चे हैं। उस्मान अली नौगांवा सादात कस्बे के मोहल्ला अलीनगर में कार मरम्मत की दुकान करते थे।
करीब पांच साल पहले उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की एक शाखा से लोन लिया था। लेकिन वह लोन का पैसा जमा नहीं कर सके। आरोप है कि इस दौरान उनकी मुलाकात तीन युवकों से हुई थी। तीनों ने बैंक अधिकारियों से करीबी रिश्ता होने की बात कही और लोन का निपटारा करने का झांसा दिया।
कर्ज में डूबे उस्मान अली ने तुरंत ही उनकी बातों पर भरोसा कर लिया। आरोप है कि इस दौरान तीनों युवकों ने ब्याज समेत लोन का निपटारा डेढ़ लाख रुपये में करने की बात कही। जिसके बाद उस्मान अली ने डेढ़ लाख रुपये उन तीनों युवकों को दे दिए।
इस दौरान आरोपियों ने एक स्टांप तैयार कर करके दिया और डेढ़ लाख रुपये का चेक विश्वास में लेने के लिए बतौर गारंटी दे दिया। आरोपियों ने लोन जमा नहीं किया और डेढ़ लाख रुपये हड़प लिए। जब इसकी जानकारी उस्मान अली को हुई तो वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगे।
13 मार्च 2024 को उस्मान अली ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। जिसमें उन्होंने तीनों युवकों का नाम लिया और डेढ़ लाख रुपये हड़पने की बात कही। लेकिन मानसिक रूप से परेशान चल रहे उस्मान अली की बृहस्पतिवार की रात तबीयत बिगड़ गई।
परिजन उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक डॉक्टरों ने सदमे में मौत होने की पुष्टि की है।
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