[ad_1]

ओपीडी में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मौजूद मरीज
– फोटो : विश्वविद्यालय
विस्तार
एएमयू के गैर-शिक्षण कर्मचारियों की हड़ताल यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थगित कर दी गई है। इससे पहले जेएन मेडिकल कॉलेज में सुबह से दोपहर तक मरीज लौटते रहे। 17 फरवरी को कार्यकारी परिषद की बैठक में कर्मचारियों की मांगें रखी जाएंगी। 9 फरवरी सुबह से दोपहर तक कई मरीज हड़ताल के कारण इलाज नहीं मिलने से मायूस लौट गए। कुछ मरीजों ने सरकारी और निजी अस्पतालों में परामर्श और उपचार लिया।
अपनी मांगों को लेकर एएमयू कर्मचारियों ने 8 फरवरी को हड़ताल की थी। इसके कारण तिब्बिया कॉलेज व जेएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों को वापस लौटना पड़ा था। यह सिलसिला 9 फरवरी की दोपहर तक जारी रहा। दोपहर के बाद बैठक हुई, जिसमें कर्मचारियों की एक्शन कमेटी के सदस्यों और एएमयू प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली, डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. अली नवाज जैदी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, एसीएम-द्वितीय संजय मिश्रा, सीओ-तृतीय/एएसपी अमृत जैन शामिल हुए। प्रॉक्टर ने कर्मचारियों की शिकायतें सुनीं और उनके सवालों का जवाब दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को अंतिम निर्णय के लिए 17 फरवरी को होने वाली कार्यकारी परिषद की बैठक में रखा जाएगा। उनके आश्वासन से संतुष्ट होकर आंदोलनरत कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी।
कुलसचिव मोहम्मद इमरान व मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. हारिस एम.खान के साथ स्थिति को नियंत्रित किया और ओपीडी सेवाओं की निगरानी की। प्रो. खान ने बताया कि विभिन्न ओपीडी में लगभग 2200 मरीजों को देखा गया, 9 फरवरी को लगभग 1550 मरीजों को देखा गया। यूनिवर्सिटी प्रॉक्टर के नेतृत्व में प्रॉक्टोरियल टीम ने हड़ताल के दौरान पूरी सतर्कता बरती और स्थिति पर बारीकी से नजर रखते हुए परिसर का दौरा किया।
कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और उन गैर-शिक्षण कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की, जो हड़ताल के आह्वान के बावजूद आगे आए और स्थिति को संभालने के लिए अपने दायित्वों को निभाया। इस संबंध में कर्मचारी नेता फैसल गांधी ने बताया कि तीन मांगों को कार्यकारी परिषद की बैठक में उठाने के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई है।
[ad_2]
Source link