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इस मामले में भी जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इस वीडियो को रिट्रीव करने का भी प्रयास किया जा रहा है। अब इस वीडियो से कितनी सहायता पुलिस को मिलेगी यह जानकारी वीडियो के सामने आने के बाद ही मिल सकती है। दूसरी ओर नार्को टेस्ट का फैसला अंकित की हां या ना पर ही निर्भर है लेकिन उसकी हां और ना दोनों ही पुलिस की कहानी की पुष्टि करेंगे।
यदि वह हां करता है तो छुपे राज उगले जाने की संभावना है। अगर ना करता है तो उस पर अब तक लगे आरोपों को बल मिलेगा। इससे तीनों आरोपियों पर दोष सिद्ध करने में और भी ज्यादा आसानी होगी। बता दें कि अंकिता हत्याकांड में पुलिस ने पिछले दिनों तीनों आरोपियों के नार्को टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी। इनमें से पुलकित और सौरभ ने तो सहमति दे दी थी लेकिन अंकित ने 10 दिन का समय मांगा था। इस पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तिथि नियत की थी।
नियमानुसार यदि अंकित हां करता है तभी तीनों के नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट कराए जा सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अगर वह ना करता है तो टेस्ट नहीं कराए जाएंगे। क्योंकि, एक-दूसरे के बयानों के मिलाने के लिए तीनों का ही टेस्ट प्रक्रिया से गुजरना जरूरी है।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अंकित हां करे या ना दोनों ही पुलिस के पक्ष में होंगे। अंकित इस मुकदमे का सहआरोपी है। अब यदि वह नार्को टेस्ट नहीं कराना चाहता है तो जाहिर है कि वह कुछ चीजें छुपा रहा है। ऐसे में यह स्वत: ही सिद्ध करने के लिए काफी है कि उस पर लगाए गए सभी आरोप सही हैं।
नहर किनारे पुलकित, अंकित और सौरभ अंकिता के साथ मौजूद थे। पुलकित अंकिता से झगड़ रहा था। सूत्रों के मुताबिक इसी बीच अंकित नहर की पटरी पर अपनी जगह से उठा और अंकिता का हाथ पकड़ लिया। इस पर अंकिता ने उसका हाथ छिटक दिया। इससे पुलकित और भी ज्यादा गुस्सा होने लगा। इस बीच अंकिता ने पुलकित का फोन छीनकर नहर में फेंक दिया। पुलकित को गुस्सा आया और उसने अंकिता को नहर में धक्का दे दिया।
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