Anurag Thakur: ‘श्वेत पत्र ने खोली कांग्रेस की पोल, उनके लिए परिवार महत्वपूर्ण’, अनुराग ठाकुर ने बोला हमला

[ad_1]

Union Minister Anurag Thakur attacked Congress

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर
– फोटो : ANI

विस्तार


केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर रविवार को एक दिवसीय बिलासपुर दौरे के दौरान कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचे। हवाई अड्डे पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि श्वेत पत्र ने कांग्रेस की पोल खोली है। कांग्रेस के लिए परिवार बड़ा था, भ्रष्टाचार पहले था और अपनी जेब भरना प्राथमिकता थी। श्वेत पत्र ने यह भी दिखाया कि कैसे कांग्रेस की नीतियों ने देश का बड़ा नुकसान किया है। बैंक घाटे में थे। 12 में से 11 बैंक पीसीए फ्रेमवर्क में थे, लोग पैसा लेकर भाग रहे थे, लेकिन सरकार चुप बैठी थी। वहीं दूसरी और एक के बाद दूसरा घोटाला हो रहा था। हम देश हित में पिछले 10 वर्ष चुप रहे, हम चाहते पहले दिन भी श्वेत पत्र ला सकते थे।

लोकसभा चुनाव को लेकर अनुराग ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत तो चुनाव ही है। देश के युवाओं से कहना चाहता हूं अपना वोट बनाएं भी और जब मौका आए तो रिकॉर्ड वोट भी डालें। केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला कैंपस के निर्माण को लेकर अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार ने पैसा 280 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा मंजूर कर दिया। सीयू को लेकर कोई कमी केंद्र सरकार ने नहीं रखी। केंद्र ने अनुमति भी दे दी, फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी दे दी।

देहरा कैंपस के लिए कई साल इंतजार करना पड़ा। वैसे ही धर्मशाला कैंपस के समय भी पैसा जमा नहीं कराया जा रहा है। शायद कांग्रेस पहले दिन से ही नहीं चाहती थी कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बने, लेकिन हमने देहरा का काम शुरू करवा दिया। शीघ्र ही धर्मशाला का काम भी शुरू हो सकता है, लेकिन उसके लिए राज्य की सरकार को मात्र 30 करोड़ रुपये के लगभग जमा करवाना है। इसमें वह आनाकानी कर रही है। सच्चाई यह है कि कांग्रेस कभी भी नहीं चाहती थी कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी बने।

कांग्रेस ने कहा- श्वेतपत्र नहीं राजनीतिक घोषणापत्र है

श्वेतपत्र पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार के इरादों पर सवाल उठाया। बहस में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सदस्य मनीष तिवारी ने कहा, लोकसभा चुनाव से पहले आए श्वेतपत्र की टाइमिंग से साफ है कि यह एक ‘राजनीतिक घोषणापत्र’ है। लेकिन बता दूं कि यूपीए ने सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, भोजन का अधिकार और मनरेगा जैसे अधिनियम बनाए। जिनसे देश की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक नींव को मजबूत किया।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *