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Arvind Kejriwal
– फोटो : PTI
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भाजपा ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार में हुए सभी घोटालों पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। वे यूपीए सरकार के पीएम मनमोहन सिंह की तरह हो गए हैं, जो अपनी सरकार में हो रहे घोटालों पर पूरी तरह चुप्पी साध लेते थे। भाजपा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इधर-उधर की बातें करते हैं, लेकिन उन सवालों का जवाब नहीं देते जिन्हें जनता उनसे पूछना चाहती है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को शराब घोटाले, मुख्यमंत्री आवास निर्माण में हुए घोटालों के साथ अब अपने स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटालों का जवाब देना चाहिए।
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने गुरुवार को कहा कि यूपीए 2.0 के समय कांग्रेस सरकार के लगातार उजागर हुए घोटालों का जवाब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास नहीं था, इसलिए वे मीडिया से बचते थे। आज ठीक वही स्थिति अरविंद केजरीवाल की हो चुकी है। वह अब मीडिया के सामने आने से भी बच रहे हैं। नवंबर 2023 से अब तक केजरीवाल को ईडी द्वारा तीन बार समन भेजा जा चुका है, लेकिन तीनों बार केजरीवाल नए बहाने बनाकर बचते रहे हैं और मीडिया उनसे सवाल न करे, इसलिए वे डिजिटल प्रेसवार्ता कर दिल्ली की जनता को मनगढ़त कहानियां सुनाने का प्रयास कर रहे हैं।
सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 24 नवम्बर 2012 को ट्वीट करके कहा था कि एक देश भक्त भारतीय के रूप में मेरा सिर शर्म से झुक जाता है, जब भ्रष्ट नेता जांच एजेंसियों के कई समन के बाद भी ईडी और सीबीआई के सामने पेश नहीं होते हैं, जबकि आरोप लगते ही उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और उन्हें पेश होना चाहिए। लेकिन आज जब वही स्थिति अपने ऊपर आई तो केजरीवाल बचने का हर हथकंडा अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि क्या अब अरविंद केजरीवाल स्वयं यह तय करेंगे कि जांच की क्या प्रक्रिया होनी चाहिए? क्या वह तय करेंगे कि समन कैसा होना चाहिए? उन्होंने कहा कि उन्हें यह समन भाजपा से नहीं आया, इसलिए उन्हें जांच का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के कुकर्मों का नतीजा है, जो उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजकर ही काम पूरा करेगा।
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