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आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव
– फोटो : अमर उजाला
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प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने कहा कि इस कार्यक्रम में देश के सभी वर्गों और समाज के लोगों को शामिल होना चाहिए। यही तो रामराज्य है। भगवान राम को न्याय, मर्यादा और वचनबद्धता के लिए जाना जाता है। उनके बाल स्वरूप का अयोध्या में प्रतिष्ठित होना सौभाग्य की बात है। सोशल मीडिया पर साझा किए वीडियो में उन्होंने कहा कि देश के चुने गए नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है।
सद्गुरु ने कहा कि इसके लिए लोग 500 वर्ष से प्रतीक्षा कर रहे थे। यह प्रतीक्षा उस प्रक्रिया के बारे में थी, जिस प्रकिया से आज यह हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण उन मूल्यों का साक्षात उदाहरण है, जिनके लिए हिंदू जीते हैं। उन्होंने कहा कि राम राज्य का अर्थ यह नहीं कि हम तीर-धनुष चलाने वाले समय में लौट जाएं। बल्कि, यह उन मूल्यों और भावों की बात है, जहां सबके कल्याण के लिए व्यक्तिगत हित का त्याग किया जाए। जहां, हर व्यक्ति अपने आप को श्रेष्ठता की ओर बढ़ाए।
सभी भारतीय करें अनुष्ठान
सद्गुरु ने कहा कि बेहद खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी राम मंदिर के लिए अनुष्ठान कर रहे हैं। अनुष्ठान का मतलब ही देवत्व और उन गुणों को शरीर, मन और आत्मा में धारणा करना होता है, जिस देवता की हम पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं।
- देश में रामराज्य की स्थापना के लिए सिर्फ मोदी ही नहीं, सभी नेताओं और सभी भारतीयों को अनुष्ठान करना चाहिए।
- अनुष्ठान हमें नियम-संयम से जीना सिखाता है और रामराज्य का अर्थ भी यही है कि एक ऐसा समाज, जिसमें सभी लोग कानूनों का पालन करते हों।
- धर्म का अर्थ भी यही है कि लोग उन नियमों का पालन करें, जिन भूमिकाओं के लिए उन्हें चुना गया है।
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