किसानों संग आजमगढ़ डीएम ने की बैठक – फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
ख़बर सुनें
आजमगढ़ स्थित मंदुरी एयरपोर्ट विस्तार के विरोध में खिरिया बाग के आंदोलनकारियों की डीएम के बीच शुक्रवार को हुई वार्ता बेनतीजा साबित हुई। बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से ग्रामीण, किसान, मजदूर और सामाजिक कार्यकर्ता, जमीन मकान बचाव संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में डीएम के साथ करीब एक घंटे वार्ता की।
वार्ताकारों ने कहा कि आजमगढ़ एयरपोर्ट विस्तारीकरण की परियोजना का मास्टर प्लान तत्काल रद्द किया जाए। आजमगढ़ में यदि विकास करना है तो यहां उद्योग, धंधे और कृषि मंडियों का विकास होना चाहिए। जमीन हड़प कर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की कोई जरूरत नहीं है। 12-13 अक्तूबर की रात शासन प्रशासन की करतूत की न्यायिक जांच हो और दोषियों को सजा दी जाए।
फर्जी सर्वे को तत्काल रद्द किया जाए
24 दिसंबर को किसान नेता राजीव यादव व साथी विनोद यादव का गैरकानूनी तरीके से अपहरण व मारने, धमकाने वाली घटना की न्यायिक जांच हो और अपहरण करने वाले दोषियों को सजा दी जाए। ग्रामीणों की सहमति के बिना किए गए फर्जी सर्वे को तत्काल रद्द किया जाए और आंदोलनकारी चाहते हैं कि कोई दिन तय करके धरना स्थल पर ही पहुंच कर सार्वजनिक तौर पर लिखित आश्वासन देने का कष्ट करें।
इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि हमें निर्णय लेने और सुनाने का कोई अधिकार नहीं है। हम आपकी बातों को ऊपर सरकार तक पहुंचा देंगे। आंदोलनकारी किसानों ने कहा कि आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक कि मंदुरी एयरपोर्ट का मास्टर प्लान रद्द नहीं हो जाता और हमारी सारी मांगे पूरी नहीं हो जाती।
विस्तार
आजमगढ़ स्थित मंदुरी एयरपोर्ट विस्तार के विरोध में खिरिया बाग के आंदोलनकारियों की डीएम के बीच शुक्रवार को हुई वार्ता बेनतीजा साबित हुई। बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से ग्रामीण, किसान, मजदूर और सामाजिक कार्यकर्ता, जमीन मकान बचाव संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में डीएम के साथ करीब एक घंटे वार्ता की।
वार्ताकारों ने कहा कि आजमगढ़ एयरपोर्ट विस्तारीकरण की परियोजना का मास्टर प्लान तत्काल रद्द किया जाए। आजमगढ़ में यदि विकास करना है तो यहां उद्योग, धंधे और कृषि मंडियों का विकास होना चाहिए। जमीन हड़प कर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की कोई जरूरत नहीं है। 12-13 अक्तूबर की रात शासन प्रशासन की करतूत की न्यायिक जांच हो और दोषियों को सजा दी जाए।
फर्जी सर्वे को तत्काल रद्द किया जाए
24 दिसंबर को किसान नेता राजीव यादव व साथी विनोद यादव का गैरकानूनी तरीके से अपहरण व मारने, धमकाने वाली घटना की न्यायिक जांच हो और अपहरण करने वाले दोषियों को सजा दी जाए। ग्रामीणों की सहमति के बिना किए गए फर्जी सर्वे को तत्काल रद्द किया जाए और आंदोलनकारी चाहते हैं कि कोई दिन तय करके धरना स्थल पर ही पहुंच कर सार्वजनिक तौर पर लिखित आश्वासन देने का कष्ट करें।