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जबकि सामान से लदे ट्रक सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे। शाम को पुश्ते से पत्थर गिरना रुका तो वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। इसके बाद बदरीनाथ जाने वाले यात्री गंतव्य की ओर रवाना हुए जबकि कई वाहन वैकल्पिक मार्गों से भी रवाना हुए।
कर्णप्रयाग में दो दिनों से ऊर्जा निगम दफ्तर के नीचे से बदरीनाथ हाईवे का पुश्ता टूट रहा है। रविवार को तेज धूप खिलने के बाद सुबह 10 बजे एनएच के पुश्ते से पत्थर गिरने शुरू हुए तो प्रशासन ने यहां वाहनों की आवाजाही रोक दी जिससे यहां जाम लग गया।
कालेश्वर, लंगासू, गोपेश्वर जाने वाले यात्री उमा लॉज से वाहनों में बैठकर गंतव्यों को रवाना हुए लेकिन कर्णप्रयाग पहुंचे तो जाम लग गया। इसके बाद यात्री वाहनों में ही हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे।
बदरीनाथ यात्रा पर आए समीर, अभिषेक, राजेंद्र आदि ने कहा कि वे सुबह ऋषिकेश से चले थे कि शाम को बदरीनाथ पहुंच जाएंगे लेकिन कर्णप्रयाग में जाम में फंस गए। स्थानीय लोग पैदल ही घरों को रवाना हुए। पुश्ता टूटने से बिजली का पोल भी गिर गया और कर्णप्रयाग के पुजारी गांव सहित आसपास दिनभर लाइट गुल रही।
शाम पांच बजे यहां से पत्थर गिरने बंद हुए तो लोगों ने राहत की सांस ली। कर्णप्रयाग थानाध्यक्ष बृजमोहन सिंह राणा ने कहा कि हाईवे खुलने के बाद सभी यात्रियों को बदरीनाथ व ऋषिकेश की ओर रवाना करवा दिया गया है।
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