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सेटेलाइट बस अड्डा, बरेली
– फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में बस अड्डों के कायाकल्प के लिए 35 निवेशक आगे आए हैं। इसके साथ ही बरेली के सेटेलाइट बस अड्डा को पीपीपी मॉडल पर संवारने की कवायद जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इन निवेशकों की परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ बैठक 25 जनवरी को गाजियाबाद के कौशांबी में होगी। किस बस अड्डे पर कितनी लागत से क्या काम होना है? इसका पूरा ब्योरा बैठक में निवेशकों को दिया जाएगा।
शासन की योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 23 बस अड्डों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ वहां शॉपिंग कांप्लेक्स बनाए जाने हैं। इनमें बरेली का सेटेलाइट बस अड्डा भी शामिल है। शहर के इस प्रमुख बस अड्डे से सामान्य दिनों में रोजाना औसतन 370 बसों का संचालन होता है। यूपी के अलावा उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और चंडीगढ़ की बसें भी यहां आती हैं।
रोडवेज की आमदनी के साथ बस अड्डों पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने 2019 में बस अड्डों को मेट्रो की तर्ज पर विकसित करने का निर्णय किया था। इसी दौरान सेटेलाइट बस अड्डा को लेकर भी प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन कई नियम और शर्तें सख्त होने के कारण निवेशक आगे नहीं आए। अब शर्तों में बदलाव करते हुए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की गई है।
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