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कोतवाली क्षेत्र के गली नवाबान निवासी रामू देवल की पत्नी आइना देवल ने दो जनवरी को कोतवाली पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी मौसेरी ननद 23 वर्षीय शोभी देवल 31 दिसंबर को नाराज होकर घर से चली गई है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर शोभी की तलाश शुरू कर दी। उसका मोबाइल स्विच ऑफ जा रहा था। मौसेरे भाई रामू ने दो जनवरी की शाम कॉल की तो रिसीव नहीं हुई। पुलिस ने नंबर ट्रेस किया तो राजस्थान में भरतपुर के पास लोकेशन मिली।
शनिवार रात मेंहदीपुर बालाजी थाने से आइना देवल के मोबाइल पर कॉल आई। बताया कि शोभी का शव मेंहदीपुर थाना क्षेत्र में मुलखराज धर्मशाला के कमरे में मिला है। उसका शव सड़ने लगा था। गले पर निशान भी थे। रविवार को शोभी के मौसेरे भाई रामू देवल और गौरी देवल मेंहदीपुर बालाजी पहुंच गए।
शोभी की मां की मौत तब हो गई थी जब वह छह माह की थी। इसके बाद से ही शोभी गली नवाबान में मौसी गायत्री देवल के पास रहती थी। कुछ समय बाद शोभी के पिता की भी मौत हो गई थी। शोभी बरेली कॉलेज में स्नातक की छात्रा थी। धर्मशाला में शोभी का शव मिलने के बाद मेंहदीपुर पुलिस बरेली पुलिस के संपर्क में है।
पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि शोभी दो जनवरी को एक महिला और एक पुरुष के साथ वहां पहुंची थी। वहां किराये पर कमरा लिया गया। अगले दिन महिला और पुरुष कमरा बंद करके चले गए। कमरे से बदबू आई तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने चार जनवरी को कमरे से शोभी का शव बरामद किया। उसका मोबाइल बाद में मिला, उसी से उसकी पहचान हो सकी।
शोभी का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। मृतका के परिवार का कहना है कि उन्होंने मीडिया रिपोर्ट में हिरासत में लिए गए लोगों को देखा है। उनमें कोई उनकी पहचान का नहीं है। राजस्थान में उनकी कोई रिश्तेदारी भी नहीं है। शोभी वहां कैसे पहुंची, इस बारे में वह कुछ नहीं जानते।
एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि छात्रा के घर से नाराज होकर ट्रेन से जाने की सूचना पर कोतवाली पुलिस उसे ट्रेस कर रही थी। पता चला है कि छात्रा ट्रेन में किसी दंपती के संपर्क में आई थी जो उसे मेंहदीपुर ले गए। वहीं किसी विवाद में हत्या कर दी। वहां की पुलिस ने घटना का खुलासा भी किया है। बरेली पुलिस परिवार के संपर्क में है।
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