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दरगाह आला हजरत, बरेली
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली की दरगाह आला हजरत के मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि सऊदी अरब हुकूमत की ओर से जारी नए कानून की वजह से मुस्लिम जगत को काफी परेशानी हो रही है। इस नए कानून में 12 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को हज यात्रा पर साथ ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं बीते वर्षो में हाजियों पर सऊदी हुकूमत ने विभिन्न प्रकार के टैक्स लगाकर हज यात्रा को मंहगा कर दिया है। मुफ्ती ने सऊदी अरब हुकूमत के फैसलों पर कड़ा एतराज जताया है।
मुफ्ती सलीम ने कहा कि हज मजहबे इस्लाम में पांच फर्जों में एक फर्ज है, जो अहम और बुनियादी इबादत में आता है। उन्होंने कहा कि यह देखा जा रहा है कि सऊदी अरब की नजदी और वहाबी हुकूमत आए दिन ऐसे हज कानून लाती है और प्रत्येक वर्ष ऐसे नए-नए टैक्स लगाती है जिससे विश्व भर के मुसलमानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका यह मजहबी फर्ज अदा करना मंहगा होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अभी की हम बात करें जिनके बच्चों की उम्र 12 साल से कम है, हज जैसे फर्ज की अदायगी से महरूम हो जाएंगे। हज यात्रा करने में सक्षम होने के कारण जिन पर हज फर्ज हो चुका है। हुकूमत को अपना यह मनमाना फैसला थोपने से पहले खूब सोच समझना लेना चाहिए था। इस्लामिक जगत से मशवरा करना चाहिए था। ऐसे बच्चे वाले लोग कैसे हज करेंगे? यह तो उनके ऊपर एक बड़ा ज़ुल्म होगा। उन्हें जबरदस्ती और जान-बूझकर हज के फर्ज की अदायगी से रोकना है।
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