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Behmai Kand kanpur
– फोटो : अमर उजाला
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कानपुर देहात के राजपुर के दमनपुर गांव निवासी सगे भाई लालाराम व श्रीराम जमीन विवाद के बाद बीहड़ में कूदे थे। एक पुलिस अधिकारी के विस्वास में आकर दोनों ने फूलन का अपहरण कर लिया था। लोग कहते हैं कि डकैत लाला राम व श्रीराम का अपराध बेहमई कांड की वजह बना।
बेहमई पहुंचकर फूलन से पकड़े गए लोगों से पूछा था कि लाला राम कहां है, इसके बाद ताबड़तोड़ गोली चला दीं। यमुना नदी के दोनों ओर कानपुर देहात व जालौन जिले में मेव ठाकुरों के कई गांव हैं। बीहड़ में विक्रम मल्लाह का बड़ा गैंग था। मुस्तकीम डाकू भी विक्रम की सलाह पर वारदात करता था।
दमनपुर के लाला राम व श्रीराम विक्रम गैंग में ही थे। बताते हैं कि विक्रम गैंग को खत्म करने के लिए कानपुर के पुलिस इंस्पेक्टर श्यामवीर सिंह राठौर ने सजातीय लालाराम व श्रीराम डकैत से संपर्क साधा। दोनों डकैत भाइयों ने ससुराल बैरामऊ में सोए विक्रम व उसके साथी बारेलाल को मार दिया।
इसके बाद फूलन का अपहरण कर ले गए। बताते हैं कि इन लोगों ने फूलन संग कई दिनों तक ज्यादती की। फूलन को बेहमई बीहड़ में रखा गया। कई दिन बाद बहाने से निकली फूलन यमुना में कूद गई और तैरकर पाल गांव जा पहुंची। वहां डकैत मुस्तकीम के गैंग में शामिल हो गई।
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