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घटना स्थल पर मौजूद लोग
– फोटो : अमर उजाला
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भागलपुर में टीओपी बाइपास थाना क्षेत्र के खीरी बांध गांव में आंगनबाड़ी पढ़ने गई करीब पांच साल की गुलफरान आलम की बेटी नेहरा प्रवीण का तालाब में शव मिला है। मंगलवार को बच्ची आंगनबाड़ी में पढ़ने के लिए गई थी। लेकिन देर शाम के बाद भी घर वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं कोई अता-पता नहीं चला।
बता दें कि खोजबीन के दौरान परिजनों ने आशंका जाहिर किया कि घर के पास तालाब है, कहीं उसमें बच्ची डूब तो नहीं गई है। घटना की जानकारी पुलिस और अंचल अधिकारी को दी गई। वहीं, शव मिलने के बाद परिजनों के द्वारा भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग को घंटों बाधित कर दिया और परिजनों के द्वारा न्याय और मुआवजे की मांग की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही टीओपी बाइपास थाना मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।मृतिका बच्ची नेहरा के मुंह पर कई जख्म के निशान हैं। वहीं, परिजनों ने बताया कि उसको मछली व अन्य जानवरों ने खा लिया होगा। परिजन व स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग को घंटों जाम कर जमकर प्रदर्शन किया। इधर, रोड जाम होने के कारण पांच किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया, जिसको छुड़ाने में पुलिस ने काफी मशक्कत की।
मृतक बच्ची के पिता गुलफरान आलम ने बताया कि वह ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। मृतिका एक भाई एक बहन हैं। उन्होंने बताया कि जब इसकी जानकारी पुलिस और अंचलाधिकारी को दी गई, लेकिन जगदीशपुर अंचल अधिकारी का मोबाइल बंद था। परिजन 10 हजार रुपये देकर प्राइवेट गोताखोर को बुलाकर तालाब में से बच्ची का शव निकलवाए।
वहीं, उन्होंने कहा कि अपने स्वार्थ के लिए लोगों ने मिट्टी निकाल कर तालाब बना दिया। उस इलाके में सैकड़ों बच्चे खेलने के लिए जाते हैं। तालाब बनाया गया है, लेकिन उसकी घेराबंदी नहीं हुई है, जिससे आए दिन वहां पर हादसा होते रहते हैं। वहीं, ऑडी पदाधिकारी ने बताया कि शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का खुलासा हो पाएगा।
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