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जम्मू: किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए
– फोटो : संवाद
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किसानों ने शुक्रवार, 16 फरवरी को भारत बंद का एलान किया है। हालांकि ,जम्मू कश्मीर में इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया है। जम्मू सहित अन्य जिला मुख्यालयों में दुकानें और व्यापारिक-शैक्षणिक संस्थान खुले हैं और सामान्य कामकाज चल रहा है। हालांकि, जम्मू कश्मीर अंतर राज्य बस सेवा प्रभावित हुई। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब रूट की बसों की सेवा शुक्रवार को प्रभावित रही। वहीं, जम्मू से इन रूटों पर भी आम दिनों के मुकाबले कम बसें रवाना हुई।
जम्मू के महाराजा हरि सिंह पार्क के बाहर में सेंट्र ऑफ इंडिया ट्रेन यूनियन (सीटू) ने किसानों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्क के बाहर कुछ देर के लिए धरना भी दिया गया। उन्होंने रैली निकालने की कोशिश भी की। हालांकि पुलिस की तरफ से उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली। प्रदेश के किसान व अन्य संगठन भी किसानों की मांगों के पक्ष में यहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए केंद्र और हरियाणा सरकार की तरफ से किसानों पर किए जा रहे बल प्रयोग का विरोध किया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए माकपा के प्रदेश प्रमुख यूसुफ तारिगामी ने कहा कि देशभर के साथ जम्मू और कश्मीर के श्रमिकों और किसानों की मांगें भी एक ही हैं। कड़े संघर्ष के बाद श्रमिकों ने जो अधिकार हासिल किए थे। केंद्र की मोदी सरकार धीरे-धीरे उन अधिकारों को कुचल रही है।
किसान पिछले आंदोलन के दौरान किसानों से किए गए वादों को पूरा करने, फसलों पर एमएसपी, कर्जमाफी, स्वामीनाथन की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर दिल्ली चलो और 16 फरवरी के भारत बंद का आह्वान किया गया है। पंजाब व अन्य राज्यों से दिल्ली जाने वाले किसानों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के साथ-साथ रबड़ की गोलियां दागी जा रही है।
किसान अपनी मांगों के मनवाने के लिए दिल्ली में प्रदर्शन करने के लिए जा रहे हैं। सरकार के आदेश पर कई रास्तों को उखाड़ दिया और कई मार्गों पर कील गाड़ दिए गए। हरियाणा से पंजाब और दिल्ली की सीमाओं पर कड़ी नफरी तैनात की गई है।
उन्होंने कहा कि किसानों प्रदर्शन करने तक का अधिकार भी नहीं दिया जा रहा। इससे साफ पता चलता है कि केंद्र की मोदी सरकार का लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू किसान और मजदूर देशभर के किसान और मजदूरों की मांगों के साथ खडे़ हैं।
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