[ad_1]

पकड़े गए फर्जी इंटर्न
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) अस्पताल के डॉक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) ने व्हाट्स एप को हथियार बनाया था। डॉक्टरों की ड्यूटी जब भी वार्ड, ट्रामा सेंटर और ओपीडी में लगती थी, तब फर्जी इंटर्न को व्हाट्सएप संदेश के जरिये सूचना देते थे। बताते थे कि छह घंटे ड्यूटी करनी है। महिला डॉक्टर की फर्जी इंटर्न प्रीति चौहान के साथ व्हाट्सएप चैट मिली है। इसे प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने सुरक्षित रखा है।
महिला डॉक्टर ने लिखा कि प्रीति (फर्जी इंटर्न) तुम्हें मोहित (फर्जी इंटर्न) ने बताया कि 14-18 तक ऑर्थो पोस्टिंग करनी है मेरी? इस पर प्रीति ने लिखा कि जी मैम। भइया ने अभी बताया हमें… तो कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा समय। इस पर महिला डॉक्टर ने लिखा कि सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक ड्यूटी रहेगी। बीच में लंच ब्रेक भी मिलेगा।
लंबे समय से चल रहा था यह सिलसिला
डॉक्टर फंसे ना और फर्जीवाड़े से बचे रहें, इसलिए फर्जी इंटर्न से दूरी बनाए रखी। व्हाट्सएप कॉल पर ही बात की और दिशा-निर्देश देते रहे। यही नहीं, हर दिन का मेहनताना भी नकद नहीं दिया जाता था। यूपीआई एप के जरिये सीधे फर्जी इंटर्न के बैंक खाते में भेज दिया जाता था। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था।
पढ़ें: बीएचयू अस्पताल के चार डॉक्टरों सहित सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज, तीन लोगों से फर्जी तरीके से करा रहे थे ड्यूटी
[ad_2]
Source link