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भूकंप (सांकेतिक फोटो)
– फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू के भूभौतिकी विभाग में सात दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन वक्ताओं ने भूकंप की पूर्व चेतावनी विषय पर बात रखी। आईआईटी मुंबई के वैज्ञानिक डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि अमेरिका, न्यूजीलैंड में भूकंपीय तरंगों में अंतर के आधार पर अब 60 सेकेंड पहले भूकंप की चेतावनी की जानकारी मिल सकेगी। यहां भूकंप चेतावनी प्रणाली विकसित करने पर शोध चल रहा है।
कार्यशाला में उन्होंने छात्रों को भूभौतिकी डाटा के आधार पर पृथ्वी के उप सतह की जानकारी दी। डॉ. आनंद ने भूकंप आने के बाद पृथ्वी सतह पर मानव निर्मित निर्माण की वजह से कंपन से प्रकृति कितनी अस्थायी होगी इस बारे में भी विस्तार से बताया। किस तरह भूकंपीय डाटा एकत्रित किया जाए और उस डाटा का प्रयोग कर भू सतह के नीचे की क्रिया का कैसे पता किया जाए इसकी भी जानकारी दी। कहा कि भूकंप वाले स्थान से कोई दूसरा स्थान 200 किमी दूर है तो 1 मिनट पहले पूर्व चेतावनी सिस्टम को विकसित किया जा सकता है। इस आधार पर वहां नुकसान को रोका जा सकता है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रोहताश कुमार ने छात्रों को कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्यप्रकाश मौर्या ने किया।
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बीएचयू के भूभौतिकी विभाग में सात दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन वक्ताओं ने भूकंप की पूर्व चेतावनी विषय पर बात रखी। आईआईटी मुंबई के वैज्ञानिक डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि अमेरिका, न्यूजीलैंड में भूकंपीय तरंगों में अंतर के आधार पर अब 60 सेकेंड पहले भूकंप की चेतावनी की जानकारी मिल सकेगी। यहां भूकंप चेतावनी प्रणाली विकसित करने पर शोध चल रहा है।
कार्यशाला में उन्होंने छात्रों को भूभौतिकी डाटा के आधार पर पृथ्वी के उप सतह की जानकारी दी। डॉ. आनंद ने भूकंप आने के बाद पृथ्वी सतह पर मानव निर्मित निर्माण की वजह से कंपन से प्रकृति कितनी अस्थायी होगी इस बारे में भी विस्तार से बताया। किस तरह भूकंपीय डाटा एकत्रित किया जाए और उस डाटा का प्रयोग कर भू सतह के नीचे की क्रिया का कैसे पता किया जाए इसकी भी जानकारी दी। कहा कि भूकंप वाले स्थान से कोई दूसरा स्थान 200 किमी दूर है तो 1 मिनट पहले पूर्व चेतावनी सिस्टम को विकसित किया जा सकता है। इस आधार पर वहां नुकसान को रोका जा सकता है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रोहताश कुमार ने छात्रों को कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्यप्रकाश मौर्या ने किया।
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