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नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव।
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हाल में ही मुलाकात की थी। दोनों ने साझा प्रेसवार्ता भी किया। उस समय ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार की विपक्षी एकता की खूब तारीफ की थी और भाजपा के खिलाफ साथ मिलकर लड़ने का वादा भी किया था। इतना ही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पटना में विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए बैठक करने भी सलाह दी थी। इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मान भी लिया। इसी महीने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ पटना में विपक्षी दलों की बैठक तय है। इस बीच तृणमूल के महासचिव ने बड़ी बात कह दी है।
ममता के भतीजे ने कांग्रेस और माकपा पर बोला हमला
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) हमेशा ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छवि खराब करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगया कि दोनों पार्टियां भाजपा और उसके द्वारा पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ किए जा रहे ‘भेदभाव’ के खिलाफ एक शब्द नहीं बोलती हैं। यह बातें अभिषेक ने मुर्शिदाबाद जिले के रानीनगर में शनिवार शाम एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही। अभिषेक ने कहा कि बंगाल में केवल टीएमसी ही लोगों की हित की बात करती है। उनकी समस्याओं के बारे में बातें करती है। बंगाल के विकास के लिए केंद्र सरकार धन जारी नहीं कर रही है। टीएमसी इसका विरोध करती है।
जानिए, 24 अप्रैल को ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार से क्या अनुरोध किया था
दरअसल, 24 अप्रैल को जब सीएम नीतीश कुमार विपक्षी एकता को लेकर कोलकाता गए थे तो ममता बनर्जी उनसे अनुरोध किया था। कहा था कि हम लोगों ने नीतीश जी से रिक्वेस्ट किया है कि जिस तरह से जेपी मूवमेंट की शुरुआत बिहार से हुई थी। अगर हमलोग बिहार में सभी पार्टी मिलकर मीटिंग करें। कहां जाना है? क्या करना है? क्या मेनिफेस्टो बनाना है? यह सब बाद में तय करेंगे। लेकिन पहले एक मैसेज देना है कि हमलोग सब एक साथ हैं। मेरा इसमें कोई एतराज नहीं है।
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