Bihar: चंद्रयान-3 में बड़ी भूमिका निभा रहे बिहार के लाल; चन्द्रयान-2 में मिली थी कमांडिंग ऑपरेशन की जिम्मेदारी

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Ravi Kumar of Sitamarhi, Bihar playing a big role in Chandrayaan-3

चन्द्रयान-3 में नेटवर्क सिक्योरिटी संभाल रहे हैं रवि कुमार
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले रवि कुमार लाल चन्द्रयान-3 की नेटवर्क सिक्योरिटी को हैंडल कर रहे हैं। उन्होंने न सिर्फ अपने माता-पिता को गौरवान्वित किया है, बल्कि अपने हुनर से सीतामढ़ी और बिहार के साथ-साथ पूरे देश का सर फक्र से ऊंचा कर दिया है। चांद की सतह पर पहुंचने के लिए भारत के मिशन चन्द्रयान-3 की शुरुआत हो गई है। जैसे ही शुक्रवार की दोपहर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के सेंटर से यह लॉन्चिग की गई, पूरे देश में खुशी का माहौल छा गया। लोग अपने देश पर गर्व करने लगे। वहीं, चन्द्रयान-3 की लॉन्चिग के बाद सीतामढ़ी जिले के लोगों को दोहरी खुशी देखने को मिली।

दरअसल, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को श्रीहरिकोटा में अपना तीसरा चंद्र मिशन चंद्रयान-3 लॉन्च कर दिया है। चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो के वैज्ञानिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। वहीं, देश-विदेश में भी चंद्रयान-3 को लेकर भारत की खूब चर्चा हो रही है। देश के इस महत्वपूर्ण मिशन में सीतामढ़ी के लाल रवि कुमार का भी अहम योगदान रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान रवि कुमार

रवि कुमार सीतामढ़ी जिले के नानपुर के निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मी अरुण कुमार चौधरी और मधुबाला चौधरी के बेटे हैं। हालांकि वर्षों से रवि कुमार की फैमिली पुपरी में रहती है। वहीं, उनकी प्राथमिक पढ़ाई-लिखाई सेंट्रल स्कूल सुतीहरा, सीतामढ़ी से हुई है। वर्ष 2005 में दसवीं और 2007 में बारहवीं पास की। वर्तमान में इनके माता-पिता दिल्ली में हैं।

रवि कुमार चन्द्रयान-3 लॉन्चिग में नेटवर्क सिक्युरिटी की कमान संभाल रहे हैं। चन्द्रयान-2 के बाद चन्द्रयान-3 में भी रवि को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। शुक्रवार को जब पूरा विश्व भारत के चन्द्रयान-3 की लॉन्चिग को टीवी पर देख रहा था तो उस वक्त टीवी पर वैज्ञानिकों की टीम के साथ रवि भी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। दरअसल, रवि कुमार को चन्द्रयान-3 में नेटवर्क सिक्योरिटी संभालने की ज़िम्मेदारी मिली है।

रवि की प्रारंभिक शिक्षा सीतामढ़ी जिले में हुई है। वर्ष 2012 में भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी) त्रिवेंदरम से एवियोनिक्स में बीटेक पास कर इसरो से जुड़े। रवि चन्द्रयान-2 के भी सफल प्रक्षेपण में शामिल थे। रवि ने बताया कि इसरो से जुड़ने के बाद उन्हें सबसे पहले चन्द्रयान-2 के लॉन्चिग में शामिल किया गया। वर्ष 2019 में मिशन चन्द्रयान-2 में रवि कुमार प्रमुख नियंत्रकों में से एक थे। उन्हें चन्द्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण में रवि को सफल कमांडिंग ऑपरेशन की जिम्मेवारी दी गई थी।

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