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स्वास्थ्य विभाग 150 को एईएस को लेकर प्रशिक्षण देने में जुट गया है
– फोटो : अमर उजाला
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उत्तर बिहार के कई जिलों में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग ने अंतिम तैयारी तेज कर दी है। मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार (AES) की चुनौती से निपटने के लिए अब चिकित्सकों का एडवांस प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इसके तहत जिले के 150 से अधिक चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों के अलावा सभी प्रखंड स्तर पर इन चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ को तैनात किया जाएगा। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि इस वर्ष भी हम जीरो डेथ पॉलिसी पर काम करेंगे।

जानकारी के अनुसार, गर्मी शुरू होने के साथ ही मुजफ्फरपुर जिले के साथ-साथ उसके आसपास के जिलों में चमकी बुखार ने भी दस्तक दे दी है। गर्मी के दिनों में बच्चों के ऊपर मौत का कहर बनकर टूटने वाले चमकी बुखार यानी एईएस से निपटने की प्रशासनिक कवायद अब मुजफ्फरपुर में तेज हो गई है। इसको लेकर इस बार भी प्रशासनिक जोर जागरूकता पर है। जहां चमकी बुखार की बीमारी से बच्चों को समय रहते बचाने की प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है।
इस बार भी जागरूकता अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ अब प्रखंड के भी सभी अधिकारी और पंचायत स्तर पर चुने हुए जनप्रतिनिधियों को चमकी बुखार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ने की प्रशासनिक कवायद शुरू की गई है। अभी फिलहाल चिकित्सकों की एडवांस ट्रेनिंग से इसकी शुरुआत हो गई है। ताकि ग्राउंड जीरो से ही इस बीमारी पर अधिक से अधिक लगाम लगाई जा सके।

जिले के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सतीश कुमार ने बताया की इस बार भी हम लोग AES को लेकर पूरी तैयारी कर रहे हैं। अंतिम रूप में अब 150 से भी अधिक चिकित्सकों को एडवांस लेवल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक और प्रखंड के चिकित्सा केंद्र में अब इनकी प्रतिनियुक्ति रहेगी। ताकि दिए गए विशेष प्रशिक्षण का लाभ बच्चों को मिल सके और हायर सेंटर भेजने की गुंजाइश कम हो।
उन्होंने बताया कि इसके साथ-साथ ही कई पैरा मेडिकल स्टाफ भी रहेंगे। ताकि बच्चे को बेसिक नीड की दवाओं को उपलब्ध कराया जा सके। इसमें गांव के जनप्रतिनिधि को भी इस बीमारी से बचाव को लेकर जन जागरूकता का अभियान में जोड़ा जा रहा है। यह 31 मार्च 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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