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ट्रैक्टर से जा रही शराब जब्त
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सारण के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर लाखों रुपये कीमत की शराब जब्त की गई। मकेर के जिस पंचायत में आज से ठीक एक साल पहले जहरीली शराब पीने से एक बार में 24 लोगों की जान चली गई थी, उसी इलाके में भारी मात्रा में संदिग्ध स्पीरिट शराब बरामद किया गया है। पुलिस को अंदेशा है कि जहरीली हो सकती है। इसलिए जब्त शराब का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस कप्तान डॉ. गौरव मंगला ने इलाके के लोगों से अपील किया है कि अगर कहीं स्पीरिट शराब बिक रहा है तो सेवन न करें, वह जहरीली हो सकती है। सभी संबंधित थानेदारों को निर्देशित किया गया है कि लोगों से प्राप्त सूचना के आधार पर तत्काल छापेमारी कर जब्त करें। लोगों से भी अपील की गई है कि वे कहीं भी बिकते देखें तो तत्काल संबंधित थानेदार या एसपी के मोबाइल पर सूचित करें। नाम की गोपनीयता रखी जाएगी।
ट्रैक्टर पर 59 प्लास्टिक के गैलन में लादकर ले जाया जा रहा था शराब
ट्रैक्टर पर 59 प्लास्टिक के गैलन में लादकर दो हजार लीटर शराब ले जाया जा रहा था। विदित हो कि मकेर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार राम के नेतृत्व में छापेमारी कर ट्रैक्टर पर लोड भारी मात्रा में देसी शराब बरामद किया गया। छापेमारी के दौरान ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर छोड़ फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर थाने लाई।
एएलटीएफ प्रभारी धर्मेंद्र कुमार द्वारा जांच के दौरान ट्रैक्टर पर 35 लीटर की 59 प्लास्टिक की गैलन में देसी शराब बरामद किया गया। ट्रैक्टर पर 59 प्लास्टिक के गैलन में दो हजार 65 लीटर देशी शराब समेत ट्रैक्टर को जब्त किया गया। शराब सप्लाई करने वाले अभियुक्त शराब जब्ती मामले में ट्रैक्टर मालिक, चालक परसा थाना क्षेत्र के पूरे छपरा निवासी बनइराम का पुत्र सुखल राम, शराब तस्कर छपरा निवासी नागेंद्र सिंह का पुत्र बीरू सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया गया। प्राथमिकी के उपरांत पुलिस मामले में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई करने में जुटी है।
21 जनवरी 2022: मकेर में 13 लोगों की मौत हुई थी
मकेर के जगदीशपुर गांव में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की जान गई थी। वह संख्या तीन दिनों में बढ़ गई थी। कई लोग अंधे भी हो गये थे। पीड़ित परिवार वाले बार-बार कह रहे थे कि सभी शराब पीने की वजह से मरे हैं। जबकि प्रशासन पर्दा डालने का काम किया।
12 अगस्त 2022: मढ़ौरा में जहरीली शराब पीने से 11 की मौत हुई थी
सारण में जहरीली शराब से मरने वालों का आंकड़ा सबसे अधिक है। 12 अगस्त 2022 को शराब पीने से मढ़ौरा में 11 लोगों की एक के बाद एक कर जान गई थी। इसमें अधिकारिक पुष्टी नहीं की गई। हालांकि मरने वालों के लक्षण जहरीली शराब जैसे ही थे। परिजनों ने भी स्वीकार किये थे।
8 अप्रैल 2022: दो की मौत व 14 लोग अंधे हुए थे
पानापुर में 14 लोगों की आखों की रोशनी चली गई थी। जबकि दो लोगों की जान चली गई। पानापुर में शराब पीने से दो लोगों की मौत की पुलिस अभी उद्भेदन भी नहीं कर पाई कि दूसरा कांड हो गया। मकेर में जहरीली शराब पीने से 4 लोगों की जान चली गई। 34 लोगों ने दारु पी थी।
14 दिसंबर 2022: 71 लोगों की जान चली गई थी
शराबबंदी के दौरान छपरा में सबसे बड़ा कांड 14 दिसंबर 2022 को हुआ था, जिसमें करीब 71 लोगों की जान चली गई थी। इसमें सबसे अधिक मशरक में 24 लोगों की मौत हुई है, जबकि अमनौर व मढ़ौरा में भी मौतें हुई थी। दर्जनों की आंख की रोशनी गई थी। सदर अस्पताल में 36 मरने वाले व्यक्ति का पोस्टमॉर्टम हुआ था।
शराबबंदी के बाद सबसे पहली घटना छपरा में
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद सबसे पहली घटना छपरा जिले के सहाजितपुर में हुआ था। 2016 में सहाजितपुर में संदिग्ध चार लोगों की मौत हुई थी, जिसमें शराब पीने से मौत के प्राथमिकी दर्ज की गई।
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