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बांके बाजार थाना, गया
– फोटो : अमर उजाला
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भाकपा माओवादी नक्सली संगठन ने एक बार फिर गया जिले के लुटुआ पंचायत के जनप्रतिनिधियों को निशाने पर लिया है। हस्तलिखित चिट्ठी भेजकर लुटुआ के जनप्रतिनिधियों से रंगदारी की मांग की है। साथ ही पैसे न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई है। नक्सली विवेक यादव के नाम से आई चिट्ठी में लुटुआ के बड़े जनप्रतिनिधि के साथ एक दिवंगत पूर्व प्रमुख के पति का भी नाम शामिल है।
जानकारी के मुताबिक, रंगदारी मांगे जाने की चिट्ठी में लुटुआ पंचायत के मुखिया जितेंद्र यादव, सरपंच रामप्रवेश यादव, खरार गांव के कृष्ण यादव और दिवंगत पूर्व प्रमुख उर्मिला देवी के पति उमेश पासवान का नाम भी शामिल है। चार लोगों को नक्सलियों के द्वारा लिखी गई रंगदारी मांग की चिट्ठी पुलिस के हाथ लग गई। इन चार लोगों से नक्सलियों ने लेवी की मांग की है। इस मामले में बांकेबाजार थाने में तीन लाख के इनामी नक्सली विवेक यादव पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। रंगदारी मांग को लेकर चिट्ठी मिलने के बाद जनप्रतिनिधियों में डर का माहौल व्याप्त हो गया है।

बताया जा रहा है कि नक्सली ने चिट्ठी में इस बात का जिक्र किया है कि संगठन चलाने के लिए पैसे की आवश्यकता है। इसमें आप सभी का सहयोग जरूरी है। जितना हो सके सहयोग के रूप में पैसा जमा करें। पैसा न देने पर अंजाम भुगतने को तैयार रहें, यह बात लिखी गई है। इधर, चिट्ठी मिलने की खबर फैलते ही तरह-तरह की चर्चाएं लोगों के बीच बनी हुई है।
मामले को लेकर बांकेबाजार थाना पुलिस ने बताया कि इनामी नक्सली विवेक यादव के खिलाफ बांकेबाजार थाने में रंगदारी मांग को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साथ ही अलग-अलग प्रतिनिधियों के नाम चिट्ठी बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस इस मामले में अनुसंधान में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि 25 दिसंबर की रात भाकपा माओवादी नक्सली संगठन ने लुटुआ पंचायत के असुराई गांव के पास निर्माणाधीन पुल में कार्यरत मुंशी का अपहरण कर लिया था। अपहरण कांड में भी विवेक यादव का नाम शामिल था। नक्सली विवेक यादव ने अपने साथियों के साथ घटना को अंजाम दिया था।
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