[ad_1]

शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष छात्र नेता दिलीप कुमार
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
STET-2023 में अपीयरिंग में फॉर्म भरने का मौका देने की मांग को लेकर सैकड़ों शिक्षक अभ्यर्थी गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के पास बैठक किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि कुछ विषयों के लिए STET 2011 के बाद यानी बारह वर्षों के बाद आया है जबकि कुछ विषयों के लिए 2019 के बाद आया है। सीटेट की परीक्षा प्रत्येक साल दो बार आयोजित की जाती है और उसमें अपीयरिंग के साथ- साथ ऐसे अभ्यर्थियों को भी फॉर्म भरने का मौका मिलता है जो बीएड में नामांकन कराते हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार का कहना है कि एनसीटीई का दिशा-निर्देश भी ऐसा ही है। इसलिए एसटीईटी में अपीयरिंग मे फॉर्म भरने का मौका मिलना चाहिए।
बीपीएससी शिक्षक बहाली में भी अपीयरिंग वालों को मिला था मौका
राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि बीपीएससी शिक्षक बहाली में भी बीएड अपीयरिंग और सीटेट अपीयरिंग वालों को फॉर्म भरने का मौका दिया गया था। एसटीईटी तो पात्रता परीक्षा है। ऐसे में STET में अपीयरिंग में फॉर्म भरने का मौका नहीं देना हजारों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। इस तरह से हजारों अभ्यर्थी फॉर्म भरने से वंचित हो गए हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर ध्यान दे और हजारों अभ्यर्थी जो इसका फॉर्म भरने से वंचित हो रहे हैं उन्हें भी एक मौका मिले ताकि उनका भविष्य संवर सके।
शिक्षक अभ्यर्थियों ने किया पैदल मार्च
बैठक के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में पंक्तिबद्ध होकर गांधी मूर्ति से पैदल मार्च निकाला। यह पैदल मार्च गेट न.12 से होकर जेपी गोलबंर, डाकबंगला चौराहा होते हुए इनकम टैक्स गोलबंर पर पहुंचा। इनकम टैक्स गोलबंर के पास पुलिस प्रशासन ने शिक्षक अभ्यर्थियों को रोक दिया। पैदल मार्च में संगम कुमारी, राकेश कुमार, अभिषेक कुमार, दीपक कुमार, विक्रम कुमार, रवि और आशुतोष सहित सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल हुए।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैयालाल ने झाड़ा पल्ला
तीन शिक्षक अभ्यर्थी पंकज कुमार, सुजीत कुमार और राहुल कुमार माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैयालाल से मिले। कन्हैया लाल ने कहा कि मैं इस मामले में न तो कुछ कर सकता हूं और न ही कुछ कह सकता हूं। कन्हैया लाल ने बताया कि मैं 1 सितम्बर से परीक्षा लूंगा।
[ad_2]
Source link