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बीईओ ने बनाई छह महीने बाद तक की उपस्थिति
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के आदेश को शिक्षा विभाग के अधिकारी ही ठेंगा दिखा रहे हैं। प्रदेश की राजधानी पटना में शिक्षा विभाग के एक प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) का गजब कारनामा सामने आया है। बीईओ पर विद्यालय निरीक्षण के दौरान छह माह बाद तक की उपस्थिति बनाने का आरोप लगा। अधिकारी पर एक विद्यालय के प्राचार्य को दो विद्यालयों के प्राचार्य का भार सौंपने का भी आरोप लगा है। इसके साथ ही मानसिक रूप से विक्षिप्त अनुपस्थित रहे अध्यापक के भी वर्षों से वेतन लाभ ग्रहण करने का मामला सामने आया है। यह मामला राजधानी पटना के धनरूआ प्रखंड का बताया जा रहा है। इसे लेकर लोक शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत करके शिक्षा विभाग के प्रखंड शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार, पटना के धनरूआ प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नवल किशोर सिंह के कारनामा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अभी 10 अप्रैल को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नवल किशोर सिंह मध्य विद्यालय साई धनरूआ में निरीक्षण के लिए गए थे। विभाग के जानकार का मानना है कि निरीक्षण के दौरान उन्हें प्रपत्र भरना होता है जो प्रपत्र उन्होंने नहीं भरा। इसके अलावा 10 अप्रैल को निरीक्षण के जगह रजिस्टर में 10 अक्टूबर 2024 का हस्ताक्षर बनाया।
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