Bihar: बकाया मांगने पर मुखिया ने निकाली पिस्तौल, कहा- नहीं मिलेगा पैसा, आइंदा से किया तकादा तो मार देंगे गोली

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Bihar On asking for dues chief says Will not get money if you insist further we will shoot you Aurangabad

पीड़ित व्यक्ति
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


औरंगाबाद जिले में देव प्रखंड के इसरौर पंचायत के मुखिया पंकज कुमार द्वारा अपने ही पंचायत के वार्ड-5 के वार्ड सदस्य पर रविवार को सरेआम पिस्टल तान देने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित वार्ड सदस्य दिलीप यादव ने बताया, साल 2021 में  पंचायत चुनाव जीतने के बाद मुखिया पंकज कुमार ने उनके देखरेख में वार्ड-5 में विकास का काम कराया था। काम की एवज में मुखिया के कहने पर उसने उधारी लेकर मजदूरों को मजदूरी की रकम का भुगतान किया था। मुखिया ने उसे कहा था कि फंड आते ही भुगतान कर दूंगा। फंड आने के बावजूद मुखिया ने उसे भुगतान नहीं किया। इसे लेकर वह लगातार तकादा करता रहा और मुखिया टाल-मटोल करते हुए आज देंगे, कल देंगे करते रहे।

वार्ड सदस्य ने बताया कि मुखिया ने रविवार शाम को बकाया भुगतान कर देने का अंतिम डेट दिया था। शाम में वह मुखिया के घर पर इसरौर जाकर तकादा किया। तकादा करते ही मुखिया के साथ वहां पर मौजूद इसरौर के ही पवन सिंह और अंकित सिंह ने पकड़ लिया। दोनों ने जैसे ही मुझे पकड़ा, वैसे ही मुखिया ने टेबल के दराज से पिस्टल निकाल कर मुझ पर तान दिया और कहा कि तकादा करना बंद कर दो। आइंदा से तकादा किया तो खोपड़ी में गोली मार देंगे। किसी तरह वह बचकर वहां से भाग निकले, नहीं तो मुखिया उसे गोली मार देते।

देव थाना के दारोगा पर जानलेवा हमले का आरोपी रहा है मुखिया

वार्ड सदस्य ने बताया कि मुखिया पंकज कुमार ने देव थाना के दारोगा एसडी पासवान पर जानलेवा हमला किया था। इस मामले में वह देव थाना कांड संख्या- 52/2019 का नामजद अभियुक्त रहा है। मामले की शिकायत वार्ड सदस्य दिलीप कुमार यादव देव थाना में की है। आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। वार्ड सदस्य दिलीप कुमार यादव देव थाना क्षेत्र के मंझौली गांव का निवासी है। आवेदन में कहा है, उसने वार्ड नंबर पांच में मुखिया फंड के तहत मुखिया पंकज कुमार के नाम से काम करवाया। मामले में मुखिया के द्वारा यह कहते हुए मजदूरों के मजदूरी का भुगतान कराया कि फंड आते ही पैसे वापस कर दिए जाएंगे। पिछले साल अप्रैल 2022 से पैसे की मांग को लेकर वह तारीख पर तारीख बढ़ाते जा रहे हैं।

मुखिया के द्वारा बकाया राशि दिए जाने की अंतिम तारीख आज निर्धारित की गई थी। जब मुखिया के द्वारा दिए गए तारीख पर आज उनके घर गया तो वे वहां अपने भाई के साथ थे। मैंने अपनी राशि लौटाने की बात की तो मुखिया ने अपने टेबल के दराज से पिस्टल निकालते हुए मेरे तरफ तान दिया और धमकी भरे लहजे में बोला कि देना होता तो दे नहीं देते। आज के बाद से यदि पैसा मांगोगे तो जान से मार दूंगा। इतने में वहां राजन सिंह के पुत्र पवन सिंह एवं आलोक सिंह के पुत्र अंकित सिंह जो इसरौर गांव के ही निवासी हैं, मेरा कॉलर पड़कर मुझसे हाथापाई करने लगे। किसी तरह वहां से जान बचाकर भागा। यदि नहीं भागता तो मुखिया उसे जान से मार देते।

दिलीप ने आवेदन में यह भी कहा है कि मुखिया ने पूर्व में भी देव थाना के एक दरोगा एसडी पासवान के सिर को फोड़ने का काम किया था और उसे मामले में देव थाना में एक कांड 52/19 दर्ज है। अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं होने से मुखिया का मनोबल बढ़ा हुआ है और वह हमेशा बोलते हैं कि दारोगा को मारने पर जब कुछ नहीं हुआ तो तुम लोग क्या बिगाड़ लेगा। दिलीप ने बताया कि 27 सितंबर की रात में वे अपनी बाइक से देव के ही कुरका गांव से जागरण देखकर घर आ रहे थे। तो देखा कि दो बाइक से चार अज्ञात व्यक्ति उनका पीछा कर रहे थे, जिससे वह किसी तरह जान बचाकर खेत में छुप गए।

इसकी जानकारी उन लोगों को नहीं चल पाई और वे वापस लौट गए। दिलीप ने बताया कि जब आज मुखिया से पैसे की मांग की गई तो उन्होंने कहा था कि 27 सितंबर को तो बच गए, लेकिन आगे नहीं बचोगे। मुखिया की हरकत से उनका पूरा परिवार दहशत की जिंदगी में जी रहा है। वार्ड सदस्य ने थानाध्यक्ष से प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि उनकी की जान की रक्षा हो सके।

मुखिया ने कहा, बदनाम करने की साजिश

वहीं, इस संबंध में मुखिया पंकज कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। चूंकि मैं इस पंचायत का पहली बार मुखिया बना हूं तो मुझे बदनाम करने के लिए विरोधी खेमे के लोग साजिश रच रहे हैं। वार्ड सदस्य दिलीप भी विरोधी खेमा के हैं और यह सब काम उनके द्वारा किसी के बहकावे में आकर किया जा रहा है। मेरे खिलाफ आवेदन दिए जाने की जानकारी देव थानाध्यक्ष के द्वारा दी गई और उन्होंने इसके लिए थाना में बुलाया है।

थानाध्यक्ष ने कहा, शिकायत की हो रही जांच

देव थानाध्यक्ष राजगृह प्रसाद ने बताया कि वार्ड सदस्य के द्वारा आवेदन दिया गया है। लेकिन अभी इसकी जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता तथा मुखिया से इस संबंध में पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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