Bihar : बच्चों के नृत्य को देख आईएएस चौधरी बोलीं- भारतीय संस्कृति को ऐसे ही प्रयासों से जीवित रख रही नई पीढ़ी

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IAS officer praised after seeing the dance of children in Patna, a glimpse of Indian civilization and culture

शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करतीं छात्राएं।
– फोटो : अमर उजाला

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शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या यानी शनिवार को बिहार के फेमस डांस स्कूल नृत्य मालिका डांस अकादमी ने अपना वार्षिकोत्सव शनिवार को कालिदास रंगालय में धूमधाम से मनाया। अकादमी की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों ने मनोरम शास्त्रीय नृत्य का आयोजन किया। इतनी क्रम में उम्र में मनमोह लेने वाले नृत्य देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। 

भारतीय संस्कृति और समृद्धि सभ्यता का साक्षात दर्शन

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सीनियर आईएसए नीलम चौधरी और मुख्य अतिथि डॉ. राज कुमार नाहर ने कहा कि नृत्य मालिका अकादमी के कलाकारों के प्रदर्शन ने मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों में अद्भुत क्षमता है। यह हमारे देश के भविष्य हैं। आज उनका प्रदर्शन देखकर लगा रहा कि ऐसा नृत्य अद्वितीय है। इनकी प्रभावशाली प्रदर्शन तो मानो भारतीय संस्कृति और समृद्धि सभ्यता का साक्षात दर्शन है।

बच्चों के डांस से दर्शक हो गए मंत्रमुग्ध

नृत्य निदेशक रामचंद्र गोल्डर ने बातया कि गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना, पंचलड़ाई आलारिपुर, मिश्रा आलारिपु, किर्तनम परेशारव जननि, नानी तेरी मोरनी, पारस तिल्लना, जूबि-डूबि, मोरी वंशी, कान्हा सोजा जरा, समेत कई गीतों पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। बच्चों ने नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। ऐश्वर्या ज्योति, भावनी, शैली, इशानी, वैष्णवी, जहान्वी, आरना, भूमि, नव्या, अर्णिका, शादमा, नायरा, सानिध्या, साक्षी, परिधि, शताक्षी, अद्विका, श्वेता, प्रत्यक्षा, नित्या, रवीना, पूनम, प्रभा, रिंकी, अनीता, आरोही ने अपने डांस से बच्चों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।

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