Bihar: बिहारीगंज में मुख्य पार्षद व कार्यपालक पदाधिकारी पर मनमानी के आरोप; सभी वार्ड पार्षद देंगे इस्तीफा?

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Bihariganj Nagar Panchayat all ward councilors accused Chief Councilor and Executive Officer of arbitrariness

जिला पदाधिकारी से मिलने पहुंचे बिहारगंज नगर पंचायत के वार्ड पार्षद
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के मधेपुरा में बिहारीगंज नगर पंचायत के सभी 14 वार्ड पार्षदों ने जिला पदाधिकारी से मिलकर बिहारीगंज नगर पंचायत की कई समस्याओं को लेकर लिखित आवेदन देकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। साथ ही सभी वार्ड पार्षदों ने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी पर मनमानी करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सभी वार्ड पार्षद नगर पंचायत की समस्याओं की अनदेखी से खफा होकर जिला पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे। फिर जिला पदाधिकारी को सभी समस्याओं से अवगत कराया और कार्रवाई नहीं होने पर मजबूरन सामूहिक इस्तीफा देने की बात कही। सभी वार्ड पार्षदों की एक के बाद एक समस्या से अवगत होने के बाद अधिकारियों ने समाधान संबंधी आश्वासन दिया।

मौके पर उपस्थित वार्ड पार्षद ने कहा कि बिहारीगंज नगर पंचायत क्षेत्र में कई समस्याएं हैं। उन पर मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी ध्यान देकर अपने हिसाब से कार्य करते हैं। वार्ड पार्षदों द्वारा लगातार मुख्य समस्याओं से अवगत भी कराया जाता है। लेकिन उस पर कोई असर नहीं होता है। उन्होंने कहा कि मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी मनमाने ढंग से कार्य करते हैं। मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी के साथ वार्ड पार्षदों की बैठक तो होती है। वार्ड पार्षद अपना प्रस्ताव भी रखते हैं। उस पर सभी की सहमति भी बनती है। लेकिन उस पर कार्य नहीं किया जाता है। उन लोगों ने कहा कि सभी वार्ड पार्षद भी जनता के द्वारा चुनकर सदन में आए हैं। कार्य नहीं होने पर जनता उनसे सवाल पूछती है। जब उन लोगों की बातों को नहीं सुना जाएगा तो फिर वे लोग वार्ड पार्षद के पद पर रहकर क्या करेंगे।

‘स्थाई कार्यपालक पदाधिकारी का अभाव बना विकास का बाधक’

वार्ड पार्षदों ने कहा कि आठ महीने का कार्यकाल बीतने के बावजूद बिहारीगंज नगर पंचायत विकास के मुद्दे पर बहुत पिछड़ा हुआ है। बिहारीगंज नगर पंचायत विभिन्न कारण से पिछड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत कार्यालय में स्थाई कार्यपालक पदाधिकारी का अभाव भी विकास की गति का बाधक बना हुआ है। विगत आठ महीने में बरसात के मौसम में जलजमाव और टूटे नाले से गंदे पानी के सड़क पर बहने से परेशानी होती है और टूटे नाले का निर्माण कार्य रुका हुआ है। वार्ड में कच्ची सड़क का पक्कीकरण बाधित है और निर्माण कार्य रुका हुआ है। नगर पंचायत सरकार के गठन होने के आठ महीने बाद भी बिहारीगंज के चौक-चौराहों पर सार्वजनिक शौचालय का अभाव है।

‘किसी काम के नहीं हैं सीसीटीवी कैमरे’

वार्ड पार्षदों ने कहा कि मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी के मनमानी ढंग से कार्य करने के कारण नगर पंचायत क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे तो लगे हुए हैं। लेकिन वे किसी काम के नहीं हैं। कोई अप्रिय घटना होने पर उनका कोई उपयोग ही नहीं हो पाता है, जिसकी जांच होनी चाहिए। पर्व-त्यौहार होने के बावजूद नगर पंचायत क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट और हाईमास्क लाइट लगाने का सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई का खस्ता हाल स्थित है। उन्होंने डीएम से निवेदन किया कि नगर पंचायत क्षेत्र के कार्यों का जायजा लेकर, उचित कार्रवाई करें। ताकि, वार्ड पार्षद जनता के सवालों का जवाब दे सकें।

मौके पर वार्ड पार्षद अंजू देवी, गुड़िया कुमारी, मो. आजाद, रुखसार खातून, मनोज प्रसाद यादव, बिंदु देवी, बमबम कुमार राय, चानो देवी, अरुण कुमार, चुन्नी कुमारी, ठाकुर रविंद्र नाथ, रोहित कुमार, चांदनी कुमारी समेत अन्य पार्षद मौजूद रहे।

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