Bihar: बेगूसराय में चाकू से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, परिजनों और अस्पताल कर्मियों में हुई झड़प

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Begusarai: young man injured with knife died during treatment, clash between family members and hospital staff

अस्पताल कर्मियों से मृतक के परिजनों की हुई झड़प
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के बेगूसराय में चाकू से घायल हुए युवक की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने घंटों तक जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों और अस्पतालकर्मियों के बीच मारपीट भी हुई। यह पूरा मामला नगर थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल का है। मृतक व्यक्ति की पहचान नीमा चांदपूरा थाना क्षेत्र के नीमा चांदपुरा गांव निवासी महेश महतो के रूप में की गई है।

इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने बताया कि 25 मार्च को गांव के ही दबंग सुभाष महतो और उसके पूरे परिवार द्वारा घर में घुसकर सभी लोगों के साथ लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट की थी। उससे भी मन नहीं भरा तो उन लोगों द्वारा तलवार से हमला कर सभी लोगों को घायल कर दिया था। इस हमले में महेश महतो गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल द्वारा महेश का सही ढंग से इलाज नहीं किया गया और लगातार पैसे की मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया कि पैसा लेने के बावजूद भी सही ढंग से इलाज नहीं किया। फिर बाद में पता चला कि मरीज की मौत हो गई है। लेकिन इसके बावजूद भी निजी अस्पताल द्वारा जबरन पैसा लिया जा रहा था।

उन्होंने बताया कि जब लोगों द्वारा निजी अस्पताल के खिलाफ जब हंगामा करना शुरू किया गया तो मरीज को जिंदा बताकर फिर पैसा लिया गया। काफी दबाव और हंगामा होने के बाद निजी अस्पताल द्वारा उसे जिंदा बताने के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिर आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल से सदर अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने घायल व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि अस्पताल द्वारा पांच से सात लाख रुपये लिए गए। लेकिन इसके बावजूद भी सही ढंग से इलाज नहीं किया गया, जिसके कारण घायल महेश महतो की मौत हो गई।

वहीं, अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मरीज बड़ा सीरियस था और उसके ब्रेन का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद उसे आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां मरीज नॉर्मल था। अचानक मरीज की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल का खर्च दो लाख 88 हजार रुपये आया था। उसमें से इन लोगों द्वारा एक लाख रुपये जमा किए गए। उसके बाद उन लोगों ने हॉस्पिटल का अमाउंट नहीं देने की वजह जिंदा पेशेंट को मृत बताकर हंगामा करना शुरू कर दिया। वहीं, इस घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह मामले को शांत कराया।

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