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शराब कारोबार से टांगें भी टूटती हैं
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार में शराबबंदी इतनी ही जबरदस्त है कि कोई भी जिला शायद ही ऐसा मिले, जहां किसी दिन शराब की खेप नहीं पकड़ी जाए। अब एक-दो बोतल वाले पकड़े भी नहीं जाते हैं, खेप ही पकड़ी जाती है। शराबबंदी काननू भी घोषणा से उलट, पूरी तरह मुलायम हो गया है। नरम हो गया है। इसके बावजूद, शराब की धरपकड़ के दौरान भागने के चक्कर में कुछ लोगों ने जान को दांव पर लगा दिया। किस्मत से जान तो बच गई, मगर पैर नाकाबिल हो गया। यह घटना मुजफ्फरपुर में सामने आयी है।
गुरुवार को उत्पाद विभाग ने मुजफ्फरपुर में अहियापुर इलाके के पुरानी मोतिहारी रोड में छापेमारी कर करीब डेढ़ करोड़ की शराब बरामद की। मौके से एक ट्रक और पांच पिकअप वाहनों को भी जब्त किया गया। छह लोगों को भी मौके से गिरफ्तार किया गया है। इसमें तीन लोग घायल हो गए। बताया जाता है कि उत्पाद विभाग के छापे की खबर मिलते ही शराब छोड़कर धंधेबाज छत से कूदने लगे। शराब को अनलोड कर रहे धंधेबाज छत से कूदने में जैसे-तैसे गिरे।
उत्पाद इंस्पेक्टर पिंकी कुमारी ने बताया कि “गुप्त सूचना के आधार पर टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। इस तरह घेराबंदी की गई थी कि कोई किसी रास्ते से निकल नहीं सके। टीम के अहियापुर में उक्त स्थल पर पहुंचते ही धंधेबाज एक घर की छत और ट्रक से कूदकर भागने लगे। करीब दर्जनभर से अधिक लोग रहे होंगे। टीम रास्तों पर थी, लेकिन धंधेबाज छतों से कूदकर भागने लगे। आधा दर्जन लोग भाग गए होंगे, लेकिन छह लोग पकड़े भी गए। इनमें तीन बुरी तरह चोटिल हैं। चोट किसी पिटाई की वजह से नहीं, कूदने के कारण लगी है। वैशाखी के बगैर तीन का चलना संभव नहीं था तो टीम ने बांस मंगवाकर दिया, जिसके सहारे यह लोग हमारे साथ आ सके।”
राजस्थान के ट्रक पर पंजाब की शराब
तीन घायलों को चिकित्सकीय सलाह के लिए भेजा गया, शेष तीन से उत्पाद थाने पर पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक पूछताछ सभी छह से की गई है। इनसे पूछताछ और मौके का मुआयना के बाद उत्पाद टीम ने बताया कि ट्रक के अंदर उप चालक की सीट के पीछे लकड़ी से तहखाना तैयार किया गया था। उसके भीतर शराब थी। पांच पिकअप वैन पर अनलोडिंग की जा रही थी। ट्रक राजस्थान नंबर का है। छोटी गाड़ियां मुजफ्फरपुर नंबर की है। सभी शराब पंजाब निर्मित है। एक ही ब्रांड की शराब है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल भी मिले हैं। मोबाइल से अन्य धंधेबाजों के नंबरों का सुराग निकाला जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है। ट्रक के नंबर के आधार पर उसके मालिक का सत्यापन किया जा रहा है। डीटीओ से संपर्क कर सत्यापन किया जा रहा है। फिलहाल, अभियोग दर्ज कर जांच की जा रही है।
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