Bihar : सदमे से सिपाही की जान गई; वर्दी के अंदर था बेटा का दिल, पिता के जाने के बाद 48 घंटे में दुनिया छोड़ दी

[ad_1]

Bihar News : Bihar Police Constable died withing 48 hour of father death, its not father daughter love

घटनास्थल पर जुटे परिजन
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


 औरंगाबाद में एक दिल को झकझोर देने वाली घटना घटी है। मामला पिता-पुत्र के अगाध प्रेम का है। मामले का सर्वाधिक रोचक पहलु यह है कि पहले पिता चल बसे, फिर पुत्र भी गुजर गया। मामला औरंगाबाद सदर प्रखंड के जम्होर थाना क्षेत्र के करहारा गांव का है। 

पिता की मौत के दो दिन बाद पुत्र की मौत 

घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले रामचंद्र सिंह की मौत हो गई थी। पिता की मौत की सूचना मिलते ही समस्तीपुर मंडल कारा में जेल पुलिस के सिपाही के पद पर कार्यरत पुत्र प्रीतेश कुमार(38) आकस्मिक अवकाश लेकर घर आया। घर आकर वह पिता के दाह संस्कार में शामिल हुआ। दाह संस्कार के समय से ही वह बुझा बुझा सा था। पिता की मौत से वह गहरे सदमें में था क्योंकि वह अपने पिता का दुलारा था। वह अपने पिता से दिल से जुड़ा था।

ड्यूटी पर रहने के बावजूद वह रोज ही समस्तीपुर से फोन कर अपने पिता का हालचाल लेता रहता था। पिता से उसकी लंबी बातें होती थी। दो दिन पहले पिता की मौत की खबर मिलते ही वह अंदर से टूट गया था। दाह संस्कार के बाद से वह गुमसुम रहने लगा था। परिजन उसे समझा बुझाकर मानसिक रुप से संबल दे रहे थे। लेकिन परिजनों के सांत्वना देने के बावजूद वह पिता की मौत के सदमे से बाहर नही आ रहा था। रविवार को अचानक से उसे हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। 

चिकित्सकों ने बताया हर्ट अटैक 

घर में 48 घंटे के अंदर हुई दो मौतों से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि पिता की मौत से सदमे में चल रहे प्रीतेश को सीने में अचानक दर्द हुआ। इसकी जानकारी उसने परिजनों को दी। आननफानन में परिजन उसे लेकर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार प्रीतेश की मौत हार्ट अटैक से हुई है।

जमादार के पद पर होना था प्रमोशन 

 सदर अस्पताल आए प्रीतेश के बड़े भाई मिथिलेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रीतेश अभी समस्तीपुर में ट्रेनिंग कर रहा था। ट्रेनिंग के बाद उसका प्रोमोशन जमादार के पद पर होना था। इसी बीच पिता रामचंद्र सिंह की मौत हो गयी। पिता की मौत की खबर सुनकर वह दो दिनों की छुट्टी लेकर गांव आया हुआ था। पिता की मौत के बाद वह काफी विचलित हो गया था। अचानक से उसकी तबीयत बिगड़ गयी। उसे सदर अस्पताल लेकर गये, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मिथिलेश कुमार सिंह ने बताया कि पिता की मौत के सदमे को वह बर्दाश्त नही कर सका। इसी कारण उसे दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गयी। एक ही घर में दो-दो मौत के बाद पूरा परिवार शोकाकुल है। 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *