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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और स्थानीय
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के सीतामढ़ी जिले के परिहार थाना क्षेत्र के मसहा टोला वार्ड नंबर 3 में गुरुवार की रात को सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो गुटों में झड़प हो गई। इस दौरान दोनों ओर से पत्थरबाजी भी हुई। इस घटना में कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। सूचना पर थानाध्यक्ष राजकुमार गौतम ने मामले को संभाल लिया। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। मौके पर सुरसंड इंस्पेक्टर के साथ पुलिस बल तैनात है।
वहीं, थानाध्यक्ष ने पत्थरबाजी की घटना से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी के घायल होने की भी अब तक सूचना नहीं है। थानाध्यक्ष ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जानकारी के मुताबिक, रामनैका की ओर से प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस आ रहा था। मसहा तीन टोलवा में पहुंचने पर अचानक से पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया। हालांकि सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया, जिसके बाद विसर्जन जुलूस को आगे बढ़ाया गया।
दरअसल, जिले में सरस्वती पूजा का आयोजन सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में किया गया है। गुरुवार को अधिकांश मूर्तियों के विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। शेष बची हुई मूर्तियों का विसर्जन शुक्रवार को सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण रूप से संपन्न होगी। वहीं, कन्हौली थानांतर्गत ग्राम मुंहचट्टी में दो पक्षों में गहमा-गहमी की बात सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी।
इसपर एसडीपीओ सदर रामकृष्णा ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक भ्रामक और तथ्यहीन खबर फैलाई जा रही है कि कन्हौली थानांतर्गत ग्राम मुंहचट्टी में स्थिति तनावपूर्ण है। ऐसा कोई मामला नहीं है। वहां की स्थानीय पूजा समिति द्वारा लिखित आवेदन दिया गया था कि उन्हें 16 तारीख को विसर्जन की अनुमति दी जाए। साथ ही स्थानीय नदी में मूर्ति विसर्जन की मांग की गई थी। उन्होंने बताया कि इसकी जांच में पाया गया कि नदी में विसर्जन नहीं किया जा सकता है। इसके लिए कृत्रिम घाट का निर्माण कराया गया है। जहां आज शांतिपूर्ण माहौल में विसर्जन कराया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भ्रामक खबरों से बचें।
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