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घरों में घुसा बाढ़ का पानी
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के सुपौल जिले के सीमावर्ती इलाके नेपाल में लगातार बारिश की वजह से कोसी नदी उफान पर है। कोसी नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। कोसी बैराज से सोमवार को सुबह 9 बजे दो लाख 32 हजार 85 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। बीते शुक्रवार की रात 10 बजे से 12 बजे तक कोसी बैराज से चार लाख 14 हजार 160 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रिकार्ड किया गया था। इस वजह से तटबंध के भीतर बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, नदी के बढ़े जलस्तर से अब भी सुपौल जिले के पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के भीतर पड़ने वाले पांच प्रखंडों के सौ से अधिक गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। तटबंध के भीतर अब अभी हजारों घरों में बाढ़ का पानी जमा है।
सरकारी अधिकारियों पर अनदेखी करने का आरोप
सुपौल जिले के निर्मली प्रखंड अंतर्गत मझारी पंचायत के महुआ गांव के वार्ड नंबर तीन के रहने वाले शिवनारायण यादव, बुचिया देवी, समेत अन्य बाढ़ पीड़ित ने बताया कि बीते तीन दिनों से बाढ़ का पानी जमा है। घर के चूल्हे पानी में डूबे हुए है। कैसे खाना बनेगा और क्या खाएं, यह सबसे बड़ी समस्या है। अब तक इस क्षेत्र में न तो सरकारी अधिकारी पहुंचे हैं और न ही राहत सामग्री ही दी गई है। उन्होंने बताया कि किसी तरह बाहर आकर रिश्तेदारों के यंहा से राशन-पानी लेकर जीवनयापन कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों ने सरकारी अधिकारियों पर अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
इसे लेकर सुपौल डीएम कौशल कुमार ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को सरकारी प्रावधान के अनुसार राहत सामग्री दी जा रही है। अगर ऐसा मामला है भी तो उन पीड़ितों को जल्द राहत सामग्रियां उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
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