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मृतका निशी कुमारी
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के दरभंगा जिले के बाजितपुर थाना क्षेत्र के नेहरा गांव में एक स्कूल छात्रा निशि कुमारी को जिंदा जलाकर मार दिया गया था। इस मामले में जुर्म साबित होने पर दरभंगा व्यवहार न्यायालय के जिला अपर सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की कोर्ट ने आरोपी विनय सहनी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
जानकारी के अनुसार, आठ जून 2015 की शाम पारिवारिक विवाद के दौरान ही आरोपी ने मृतका निशि कुमारी को जमीन पर पटकते हुए हाथ पैर बांधकर आग लगा दी थी। इसके बाद परिजनों ने आग में झुलसी छात्रा को इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि स्कूली छात्रा छात्रा निशी कुमारी की निर्मम हत्या करने के जुर्म में सत्र वाद संख्या 111/2021 का सोमवार को दरभंगा व्यवहार न्यायालय में ट्रायल किया गया। इसके बाद तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने नेहरा गांव निवासी लक्ष्मी सहनी के पुत्र विनय सहनी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 302 और 120बी में आजीवन सश्रम कारावास और क्रमशः पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, भादवि की धारा 341 में एक वर्ष और 323 में छह माह की सजा सुनाई है।
कोर्ट का फैसला आने के बाद अपर लोक अभियोजक रेणू झा ने बताया कि रणधीर और नीशा ने अपने घर से केरोसीन तेल लाकर नाबालिग बच्ची निशी के शरीर पर डालकर आग लगा दी। इलाज के दौरान बच्ची की मृत्यु हो गई। पारिवारिक विवाद को लेकर आठ नवंबर 2015 की शाम करीब साढ़े सात बजे में मृतका के चाचा रणधीर सहनी, विनय सहनी और चाची सुनीता देवी, नीशा देवी ने बच्ची निशी और बच्ची की मां पूनम देवी के साथ लाठी-डंडे से मारपीट की थी।
इस घटना की शिकायत बच्ची के माता-पिता ने मनीगाछी थाने में की थी। इसी बीच बच्ची के अपने दादा लक्ष्मी सहनी के उकसावे पर बच्ची को जमीन पर पटक कर हाथ पैर बांधकर केरोसिन तेल छिड़ककर आग लगा दी गई। सूचना मिलने पर घटनास्थल पर माता-पिता पहुंचे तो बच्ची शौचालय के पास जख्मी अवस्था में तड़प रही थी। जख्मी बच्ची को इलाज के लिए डीएमसीएच दरभंगा, बर्न हॉस्पिटल पंडासराय से पीएमसीएच ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद बच्ची के पिता ने मनीगाछी थाना कांड संख्या- 264/15 के तौर पर प्राथमिकी दर्ज कराई। उसका सत्रवाद संख्या- 297 /2017 में विचारण मृतका बच्ची के अपने दादा लक्ष्मी सहनी, अपने चाचा रणधीर सहनी, अपनी चाची निशा देवी के खिलाफ चल रही थी। इसमें रणधीर सहनी और निशा देवी को आठ जुलाई 2021 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसी बीच मृतका के दादा लक्ष्मी सहनी की मौत हो गई। सुनीता देवी अभी फरार चल रही है। वहीं, पंचम एडीजे की कोर्ट ने बच्ची के परिजनों को समुचित मुआवजा प्रदान करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा को आदेशित किया था।
मृतका की मां पूनम देवी ने रोते-बिलखते हुए कहा कि अदालत ने आज न्याय दिया है। मेरी बच्ची की मृत आत्मा को शांति मिलेगी कि उसकी मां और पिता हत्या के बाद न्याय के लिए नौ वर्षों से दरभंगा कोर्ट से पटना उच्च न्यायालय तक की दौड़ लगाती रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी हत्यारों के खिलाफ सजा बरकरार रखने और एक फरार आरोपी सुनीता देवी को सजा होने तक मजदूरी कर कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।
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