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ललन सिंह।
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट को लेकर सियायत गरमा गई है। भाजपा के फायर ब्रांड और केंद्रीय मंत्री के बयान पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि उनको कोई काम नहीं है। उनकी बात मत कीजिए। गिरिराज सिंह ने जो लिखा है? क्या लिखा है वह जानें? बिहार में सभी धर्मों का सम्मान होता है। सभी धर्मों का सम्मान होगा। बिहार में सांप्रदायिक और सामाजिक सद्भाव बना रहेगा।
हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट पर टीका-टिप्पणी करना ठीक
तेजस्वी यादव ने कहा कि हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट पर टीका-टिप्पणी करना ठीक है। कुछ लोग केवल हिन्दू-मुसलमान करते हैं। यही तो फर्क हैं उनलोगों में और हमलोगों में। हमलोग गरीबी मिटाने, रोजगार देने और विकास की बात करते हैं। एक बार जान लीजिए लोगों का पेट, नौकरी देने से भरेगा। विकास करने से भरेगा। आप देखिए न यूपी के लोग नौकरी पाने बिहार आ रहे हैं। यह लोग केवल बांटने की राजनीति बढ़ी है।
सीएम नीतीश कुमार को केंद्रीय मंत्री ने लिखा लेटर
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में कहा है कि हलाल कारोबार के अंतर्गत जिन चीजों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं, उनके कारोबार का इस्लामीकरण हो रहा है इसलिए इसे जल्द से जल्द रोका जाय। अमर उजाला से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने बताया कि हलाल एक अरबी शब्द है, जिसको यह मुसलमान लोग वैध मानते हैं और हराम को यह लोग अवैध मानते हैं। लेकिन हमारे सनातन धर्म में हलाल मांस के संदर्भ में ज्यादा पॉपुलर हुआ। जब बकरे को काटते हैं तो तड़पा-तड़पा कर हलाल करके और सनातन धर्म में बली की प्रथा है झटका का। यह मुस्लिम समाज चाय पर, पनीर पर, चीनी पर, नमकीन पर, टीवी पर, जो हलाल सर्टिफिकेशन दे रहा है यह एक तरह से बाजार का इस्लामीकरण कर रहा है। कई मीडिया का सर्वेक्षण है कि ये लोग सर्टिफिकेशन में 2.5 मिलियन एकोनॉमी वसूल रहे हैं। ये लोग सर्टिफिकेशन में केवल एक प्रोडक्ट पर 50,000 से 1 लाख रुपये तक लेते हैं।
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