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सीएम नीतीश कुमार।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुधवार को बिहार की राजनीति में अहम दिन रहा। सीएम नीतीश कुमार ने जाति आधारित जनगणना के बाद लिए फैसलों को समय पर पूरा करने के लिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। इसी कैबिनेट ने कुल 40 प्रस्तावों पर सहमति दी। पुरानी पेंशन स्कीम और डीए वृद्धि के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जातिगत जनगणना कराने व आरक्षण बढ़ाने के लिए अभिनंदन भी शामिल है।
46 फीसदी महंगाई भत्ता कर दी गई है
बिहार सरकार की ओर से जो प्रस्ताव स्वीकृत की गई है, उसमें कहा गया है कि राज्य सरकार के सरकारी सेवकों, पेंशनभोगियों को एक अगस्त के प्रभाव से 42 फीसदी के स्थान पर 46 फीसदी महंगाई भत्ता कर दी गई है। वहीं वित्त विभाग के नियंत्रण में आने वाले राष्ट्रीय बचत कार्यालय में वर्तमान में पदस्थापित एवं कार्यरत लिपिकों और कार्यालय परिचारियों को जिला समाहरणालय में समान पद पर समायोजित करने के लिए वित्त विभाग के प्राधिकृत करने एवं राष्ट्रीय बचत कार्यालय का परिसमापन करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।
अनुमानित लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई
पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत कॉस्ट शेयरिंग के आधार पर सारण जिलान्तर्गत मशरख-शामकोड़िया रेलवे स्टेशनों के बीच शीतलपुर-मशरख SH-73 पथ पर स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या-34B2 के बदले आरओबी के निर्माण हेतु राज्यांश की 3060.64 लाख रुपये सहित कुल 5602.07 लाख रुपये के अनुमानित लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अन्तर्गत पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार के अधीन अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास में “छात्रावास प्रबंधक, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण संवर्ग” के पद पर नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तों को विनियमित करने हेतु “छात्रावास प्रबंधक, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण संवर्ग नियमावली, 2023 के गठन की स्वीकृति दी गई।
गोपालगंज के निर्माण कार्य की स्वीकृति
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अन्तर्गत पम्प ऑपरेटर एवं इलेक्ट्रीशियन के पूर्व से सृजित पदों को अंचल स्तरीय पम्प ऑपरेटर एवं इलेक्ट्रीशियन (भर्ती एवं सेवा शर्ते) नियमावली, 2014 में वर्णित पद सोपान के अनुरूप संवर्ग पुनर्गठन के प्रस्ताव को अनुमानित वार्षिक व्यय भार ₹ 1,86,62,304 की स्वीकृति दी गई। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत सात निश्चय कार्यक्रम के तहत गोपालगंज जिला में स्थापित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, गोपालगंज के निर्माण कार्य की पूर्व स्वीकृत योजना लागत 73.13 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित योजना लागत 97,16,53,941 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के ही तहत राज्य के सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं पोलिटेकनिक संस्थानों में ‘संस्थान विकास सोसाईटी (महाविद्यालय / संस्थान का नाम) का गठन एवं तत्संबंधी स्मृति-पत्र तथा नियमावली की स्वीकृति दी गई।
वित्त विभाग के अन्तर्गत राज्य सरकार के अन्तर्गत प्रशासनिक कार्यों के संपादन हेतु मोबाइल फोन की अनुमान्यता एवं उसके क्रय के लिए निर्धारित राशि की अधिसीमा में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।वित्त विभाग के ही तहत वैसे मामलों में जहां एक ही विज्ञापन के माध्यम से 01.09.2005 के पूर्व कतिपय अभ्यर्थी पुरानी पेंशन योजना के तहत तथा 01.09. 2005 के पश्चात कतिपय अभ्यर्थी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत नियुक्त हुए हैं, एनपीएस के तहत नियुक्त वैसे कर्मियों को कतिपय शर्तों के अधीन पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का विकल्प प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
अररिया में कॉलेज के लिए राशि स्वीकृत
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत सात निश्चय कार्यक्रम के तहत अररिया जिला में स्थापित श्री फनीश्वर नाथ रेणु अभियंत्रण महाविद्यालय, अररिया के निर्माण कार्य की पूर्व स्वीकृत योजना लागत 73.13 करोड़ रुपये मात्र का पुनरीक्षित योजना लागत 98,97,25,748.00 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
गया में आर्किटेक्चर पाठ्यक्रम के लिए नए पद का सृजन
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के ही तहत विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन संचालित गया अभियंत्रण महाविद्यालय, गया में आर्किटेक्चर पाठ्यक्रम (बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर) के लिए 14 (शैक्षणिक पदों (प्राध्यापक-01, सह-प्राध्यापक-03, सहायक प्राध्यापक-10) के सृजन की स्वीकृति दी गई।
उच्च न्यायालय पटना में 80 पदों का सृजन
विधि विभाग के अन्तर्गत उच्च न्यायालय, पटना की स्थापना में अभिलेखवाह (वेतनस्तर-3) के 110 पदों में से 55 पद को अभिलेख लिपिक (वेतनस्तर-4) के पद पर उत्क्रमित करने की स्वीकृति दी गई। विधि विभाग के ही तहत उच्च न्यायालय, पटना की स्थापना में ‘सुवास सेल’ हेतु अनुवादक के 60 पद एवं अनुवादक-सह- प्रूफ रीडर के 20 पद कुल 80 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
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