Bihar Crime: पुलिस छापेमारी में पांच अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में उपकरण बरामद; छह पर FIR

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Five illegal mini gun factories busted in police raid in Munger, huge amount of equipment recovered; FIR on 6

छापेमारी करने नाव से दियारा पार जाते पुलिसकर्मी
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के मुंगेर जिला के मुफस्सिल थाना पुलिस ने रविवार देर रात दियारा इलाके बरदह में छापेमारी कर पांच अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। इस मामले में पुलिस ने संबंधित लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि छापेमारी के दौरान पुलिस को देखते ही सभी हथियार निर्माता अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। लेकिन पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस दियारा इलाके में छापेमारी कर इलाके से अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खात्मा करने की मुहिम में जुटी है। इसी सिलसिले में मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गंगा पार दियारा इलाके में अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष दलजीत झा, पीएसआई अमित, दीपक और नीतीश कुमार सहित सशस्त्र बल द्वारा बबुआ गंगा घाट से नाव के जरिए दियारा इलाके में छापेमारी की गई।

छापेमारी में मौके से बरामद किए गए हथियार बनाने के उपकरण

इस बारे में मुफस्सिल थाना अध्यक्ष दलजीत झा ने बताया कि पुलिस फोर्स की टीम के साथ दियारा इलाके में छापेमारी करने हम लोग पहुंचे। जहां पुलिस को देख बरदह दियारा इलाके के पास अवैध हथियारों का निर्माण कर रहे लोग फरार हो गए। उस इलाके में हमने छापेमारी कर वहां से पांच बेस मशीन, सात जिंदा कारतूस सहित भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए। थानाध्यक्ष दलजीत झा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर दियारा इलाके में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस को देख सभी धंधेबाज फरार हो गए। वहीं, इस मामले में अवैध हथियार निर्माण के मामले में 6 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। पुलिस जल्द ही सबकी गिरफ्तारी करेगी।

दरअसल, मुंगेर जिले को अवैध हथियारों की काली मंडी के नाम से पूरे भारत में जाना जाता है। यहां आधुनिक से आधुनिक हथियार कम कीमत में मिल जाते हैं। तभी तो यहां सालों भर अवैध हथियारों का बाजार सजा रहता है और अवैध हथियार निर्माता हथियारों का निर्माण करते रहते हैं। हालांकि पुलिस की दबिश के कारण अब हथियार निर्माता शहरी और ग्रामीण क्षेत्र छोड़कर दियारा के उस पार गंगा किनारे और पहाड़ी इलाके में हथियारों का निर्माण करने लगे हैं। पुलिस भी अब इस इलाके में पहुंचकर छापेमारी करने लगी है।

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