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थाना मेहसौल ओपी
– फोटो : अमर उजाला
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सीतामढ़ी जिले का रहने वाला एक प्रशिक्षु दारोगा के द्वारा एक लड़की को शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़िता के द्वारा मेहसौल ओपी में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें बताया है कि प्रशिक्षु दारोगा फिलहाल पटना के बाढ़ थाने में पदस्थापित है। प्रशिक्षु दारोगा जयराम कुमार सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र के हनुमान नगर साखी गांव का रहने वाला है। पीड़िता के आवेदन पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दर्ज एफआईआर में पीड़िता ने बताया है कि डेढ़ साल पहले गोयनका कॉलेज में टहलने के दौरान दारोगा जयराम कुमार से उसकी जान पहचान हुई। जयराम ने उसका नंबर लेकर बातचीत शुरू कर दी। उस वक्त जयराम सीतामढ़ी शहर में ही रहकर दारोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था। दोनों के बीच फोन पर हुई बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल गया और दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बन गए।
इसी बीच जयराम का दारोगा बहाली में चयन हो गया और वह ट्रेनिंग के लिए चला गया। इस बीच वह जब भी सीतामढ़ी आता तो पीड़िता से जल्द शादी करने का प्रलोभन देकर होटल में ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। आरोप है कि बीते 25 व 26 मई को भी जयराम ने पीड़िता को होटल में ले जाकर शारीरिक संबंध बनाया। जब पीड़िता ने उस पर शादी का दबाव बनाया तो वह मुकर गया। कहा कि वह उससे शादी नहीं कर सकता। उसकी शादी और तय हो गई है। दहेज में काफी रुपये मिल रहे हैं।
पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि जयराम के साथ बिताये पल का वीडियो और उसके हाथों से लिखे कई कागजात उसके पास हैं। इस संबंध में एसपी मनोज कुमार तिवारी ने बताया की जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी।
सीतामढ़ी से छुट्टी पर आए दारोगा की जीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत…
बेतिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार को एक पुलिस अवर निरीक्षक की मौत हो गई है, जिसके बाद अस्पताल के इमरजेंसी ड्यूटी में वरीय चिकित्सकों के नहीं रहने से खफा परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया है।
हालांकि, अस्पताल नाका थाना प्रभारी श्याम किशोर प्रसाद ने हंगामा कर रहे परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। वहीं, मृतक दरोगा की पहचान बेतिया नगर थाना क्षेत्र के बसवरिया गांव निवासी ओमप्रकाश कुमार (38) के रूप में की गई है। बता दें कि मृत दरोगा सीतामढ़ी के रीगा थाना में तैनात था, जो छुट्टी पर बेतिया के बसवरिया अपने घर आया हुआ था।

वहीं, परिजनों ने मृत दरोगा के शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। उसके बाद वे लोग शव लेकर घर चले गए। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, ओमप्रकाश साह को बुधवार की देर रात में पेट दर्द की शिकायत शुरू हुई। उनके परिजन उन्हें लेकर गुरुवार की सुबह 3:51 बजे जीएमसीएच के कैजुअल्टी वार्ड में पहुंचे। परिजनों का कहना है कि उस वक्त ड्यूटी पर एक भी वरीय चिकित्सक तैनात नहीं थे। मौके पर मौजूद जूनियर चिकित्सकों ने अंदाज़ पर उनकी चिकित्सा शुरू की उसी क्रम में उनकी मौत हो गई।
आक्रोशित परिजन मौके पर वरीय अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे। माहौल तनावपूर्ण हो गया था, घटना की सूचना मिलते हैं। दारोगा श्याम किशोर प्रसाद वहां पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
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