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दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल दरभंगा स्थित डीएमसीएच के मेडिसिन विभाग में बने डेंगू वार्ड में फिलहाल तीन मरीज इलाजरत हैं। एक मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उसे शनिवार को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। इधर, शनिवार को लगातार कई घंटे तक हुई बारिश से अस्पताल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मेडिसिन विभाग परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इस वजह से मरीजों के परिजनों को वार्ड से आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है।
अस्पताल परिसर में एक छोटी मशीन के जरिए फॉगिंग शुरू करा दी गई है। बताया जाता है कि दो बड़ी फॉगिंग मशीनों में खराबी आ जाने के कारण उन्हें जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। अस्पताल परिसर में नालों में कीटनाशक का लगातार छिड़काव कराया जा रहा है।
वहीं, दूसरी ओर दरभंगा मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डेंगू जांच के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। विभाग के वीआरडीएल लैब में एलाइजा मशीन से ब्लड की जांच की जाती है। जांच के बाद डेंगू की पुष्टि होती है। एलाइजा मशीन में दो तरह से जांच की जा रही है। एक एनएस वन और दूसरा आईजीएम।
वीआरडीएल लैब के साइंटिस्ट डॉ. संजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार को 16 मरीजों की एनएस-वन और आईजीएम जांच में तीन मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए थे। अभी प्रत्येक दिन 20 से 25 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से तीन-चार डेंगू के पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. आरएस प्रसाद, रिसर्च अस्सिटेंट बिंदिया कुमारी, मेडिकल लैब टेक्नीशियन अकील अहमद, रघुवेंद्र कुमार सिंह सहित सभी स्वास्थ्य कर्मी लगातार कार्य कर रहे हैं।
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