Bihar: DMCH में तीन ऑक्सीजन प्लांट ठप, सर्विसिंग नहीं हो पा रही; 3 गुने दामों पर बाहर से खरीदे जा रहे सिलेंडर

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Three oxygen plants stalled in DMCH Darbhanga; Cylinders being bought from outside at 3 times the price

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के दरभंगा स्थित डीएमसीएच परिसर में कोरोना के दौरान ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए स्थापित किए गए चार ऑक्सीजन प्लांटों में से तीन बंद पड़े हैं। जबकि एक प्लांट आपूर्ति कर रहा है। बंद पड़े प्लांट को सर्विसिंग की जरूरत बताई जा रही है। इसका खर्च करीब छह लाख रुपये का बताया जा रहा है। इसे लेकर बीएमआईएससीएल को डीएमसीएच प्रशाशन की ओर से कई बार पत्र लिखे गए हैं। लेकिन सर्विस नहीं होने के कारण तीनों प्लांट बंद पड़े हैं।

बिना काम के कर्मचारियों को दी रही लाखों की तन्ख्वाह

बंद पड़े इन तीन प्लांटों में कुल नौ ऑपरेटरों की ड्यूटी शिफ्ट में लगी हुई है। इनके वेतन पर सरकार का प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च कर रही है। इसके अलावा दो टेक्नीशियन का भी वेतन चालू है। डीएमसीएच तीन ऑक्सीजन प्लांट के बंद रहने से औसतन 5,000 हजार सिलेंडर प्रतिमाह बाहर से खरीदकर उपयोग कर रहा है। इसकी खरीदारी में लगभग 15 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च हो रहे हैं। ये तीनों इमरजेंसी, शिशु रोग एवं स्त्री रोग विभाग का ऑक्सीजन प्लांट बंद है।

इमरजेंसी में लगे प्लांट की क्षमता 2,000 लीटर प्रति मिनट है। वहीं, शिशु रोग विभाग वाले प्लांट की क्षमता 1,000 लीटर प्रति मिनट है। ये करीब छह महीने से बंद पड़ा है। जबकि स्त्री रोग विभाग में लगे प्लांट की क्षमता 280 लीटर प्रति मिनट है। ये भी करीब तीन महीने से बंद बताया जा रहा है।

मई 2023 में डीएमसीएच द्वारा खरीदारी की गई सिलेंडरों की संख्या

* सर्जरी और ऑर्थो ओटी में 434 सिलेंडर  

* मेडिसिन आईसीयू में 1,055 सिलेंडर

* इमरजेंसी में 1,055 सिलेंडर

* ईएनटी में 41 सिलेंडर

* शिशु रोग विभाग में 1,653 सिलेंडर

 

चार में से मात्र एक लिक्विड प्लांट है चालू

डीएमसीएच में चार प्लांटों में से मात्र एक सुचारु ढंग से चल रहा है। उससे स्त्री रोग, सर्जरी, ऑर्थो, मेडिसिन, ईएनटी, टीवी एंड चेस्ट विभाग के मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। डीएमसीएच यह प्लांट ही सुचारु ढंग से चल रहा है। इसी प्लांट से कोरोना आइसोलेशन विभाग को भी जोड़ा गया है। इसके साथ इसी प्लांट से ट्रामा सेंटर के गंभीर मरीजों का भी इलाज किया जाता है। इस प्लांट की क्षमता 20,000 हजार लीटर की है। इसमें प्रतिमाह तीन से चार बार इसमें लिक्विड भरा जाता है।

इस पूरे मामले पर डीएमसीएच अधीक्षक ने कहा कि कई बार बीएमआईएससीएल को इन प्लांट की सर्विसिंग के लिए पत्र लिखा गया। लेकिन कंपनी ने अब तक इसकी सर्विसिंग नहीं की है। मरीजों की सुरक्षा को लेकर सिलेंडरों की खरीदारी की जा रही है।

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