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क्राइम (काल्पनिक)
– फोटो : अमर उजाला
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छपरा में उत्पाद विभाग (मद्य निषेध विभाग) की टीम के जांच के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल किया। घटना शुक्रवार देर रात कोपा थाना क्षेत्र के नयका बाजार की है। मृतक की पहचान रिविलगंज थाना क्षेत्र के खैरवार निवासी व्यवसायी सुरेश सिंह के रूप में हुई है। मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने पुलिसकर्मियों को बेरहमी से पीटा। विरोध करने पर उन्हें बंधक भी बना लिया। इधर, माहौल बिगड़ते देख वरीय पदाधिकारियों के आदेश पर तीन थानों की पुलिस को बुला लिया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस के वरीय अधिकारियों की पहल पर देर रात दो बजे परिजन और आक्रोशित लोगों शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हुए। इसके बाद मामला शांत हुआ।
जांच टीम ने व्यवसायी को रोका
परिजनों का आरोप है कि सुरेश सिंह अपने बेटे अभिषेक कुमार के साथ छपरा शहर से अपना दुकान बंद कर रिविलगंज के खैरवार जा रहे थे। तभी पूर्व से उत्पाद पुलिस द्वारा कोपा थाना के नयका बाजार पर शराब चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सुरेश सिंह को पुलिस द्वारा रोका गया। रोके जाने के बाद सुरेश सिंह पुलिसकर्मियों का विरोध करने लगे। इसी बीच पुलिसककर्मी ने सुरेश सिंह के साथ गाली-गलौज करते हुए मोबाइल और कैश ले लिया। इसी दौरान सुरेश सिंह को हार्ट अटैक आ गया। वह जमीन पर गिर गए और उनकी मौत हो गई।
पुलिसककर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया लिया
घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। लोगों ने पुलिसककर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया। हालांकि कुछ पुलिसकर्मी बढ़ती भीड़ को देख फरार हो गए। चार महिला -पुरुष पुलिसकर्मियों को दुकान में बंधक बना लिया गया। इधर, सूचना मिलते ही आसपास के चार थानों की पुलिस सहित रिजर्व फोर्स पहुंची और हालात को काबू में किया। सदर एसडीओ डीएसपी और उत्पाद अधीक्षक के पहुंचने के बाद मृत व्यवसायी के पुत्र और चश्मदीद की गवाही पर प्रथमिकी दर्ज करते हुए आरोपी पुलिसककर्मियों को कोपा थाना को सौंप दिया गया।
उत्पाद पुलिस द्वारा जांच किया जा रहा था
मृत व्यवसायी के छोटे बेटे अभिषेक ने बताया कि राठौर नेवाजी टोला से दुकान बंदकर घर जा रहे थे। तभी नयका बाजार पर उत्पाद पुलिस द्वारा जांच किया जा रहा था। हम सभी गाड़ी रोक ही रहे थे। तबतक पुलिस ने लाठी बरसा दी। इस कारण पीछे बैठे मेरे पिता जी गिर गए और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मोबाइल और दो लाख कैश भी ले लिया। लोगों का कहना है कि जांच के क्रम में पुलिस की गाड़ी से मोबाइल बरामद हुआ लेकिन कैश का पता नहीं चल पाया।
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