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एनआईए।
– फोटो : amar ujala
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पटना में एनआईए की विशेष अदालत ने तीन सीपीआई (माओवादी) कैडरों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इन्हें 10 से 12 साल तक जेल में रहना होगा। मंगलवार को एनआईए की ओर से जानकारी दी गई कि 2012 में हुए हथियार और गोला-बारूद जब्ती केस में आरोपी पाए गए तीन सीपीआई (माओवादी) कैडरों को दोषी पाया गया है।
एनआईए की विशेष अदालत उदित नारायण सिंह और अखिलेश सिंह को 12-12 साल की सश्रम कारावास की सजा दी। साथी ह इन्हें पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने भी देना होगा। वहीं अर्जुन उर्फ मणि यादव को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। अर्जुन को भी 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि जुर्माना अदा न करने पर तीनों को तीन महीने की अतिरिक्त साधारण कैद की सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने 4 दिसंबर यानी सोमवार को यह फैसला सुनाया।
डिवाइस और बम बनाने के लिए रसायन रखने का दोषी पाया था
बताया जा रहा है कि एनआईए की ओर इसे उदित, अखिलेश और अर्जुन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए थे। अदालत ने उन्हें प्रतिबंधित और गैर-निषिद्ध हथियारों और गोला-बारूद के साथ-साथ प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) द्वारा आतंकवादी हमलों में उपयोग के लिए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस और बम बनाने के लिए रसायन रखने का दोषी पाया था।
नक्सली साहित्य और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे
बताया गया कि मार्च 20212 औरंगाबाद शहर पुलिस ने तीन संदिग्धों के घरों पर छापेमारी की थी। पुलिस ने हथियार, मैगजीन, भारी मात्रा में गोला-बारूद, आरपीजी ग्रेनेड, रासायनिक पदार्थ, एक वाहन, मोबाइल सेट, 3.34 लाख रुपये अंकित मूल्य की इंडियन करेंसी के साथ-साथ नक्सली साहित्य और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे।
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