Bihar News: काला हिरण मामले में दोषी चेनारी थानाध्यक्ष सेवा से बर्खास्त; लापरवाही-अनुशासनहीनता पर कार्रवाई

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Rohtas: Chenari police station incharge Shambhu Kumar, guilty in black deer case, dismissed from service

चेनारी थाना अध्यक्ष शंभू कुमार
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के रोहतास के काला हिरण मामले में दोषी चेनारी थानाध्यक्ष को शाहाबाद डीआईजी नवीन चंद्र झा ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और कर्तव्यहीनता सहित संदिग्ध आचरण तथा अपने पद का दुरुपयोग करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। रोहतास एसपी के द्वारा एसडीपीओ सासाराम से मामले की जांच कराई गई थी, जिसमें चेनारी थानाध्यक्ष को दोषी पाया गया था। 

 

दरअसल, पिछले 15 सितंबर 2023 को काले हिरण के मांस सहित सींग एक व्यक्ति के पास से बरामद हुआ था। उस मामले में लापरवाही करते हुए चेनारी थानाध्यक्ष शंभू कुमार द्वारा अभियुक्त को पीआर बॉन्ड पर थाने से ही छोड़ दिया गया था।

 

जानकारी के मुताबिक, रोहतास जिले के डेहरी स्थित शाहाबाद डीआईजी कार्यालय में डीआईजी नवीन चंद्र झा ने प्रेसवार्ता आयोजित की थी। इस दौरान डीआईजी नवीन चंद्र झा ने बताया कि पिछले 15 सितंबर 2023 को रोहतास जिले के चेनारी थानाक्षेत्र के लॉजी गांव से गुप्त सूचना के आधार पर काला हिरण के मांस सहित सींग के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान चेनारी थानाक्षेत्र के लॉजी गांव निवासी दिवंगत कुदुश बेग के बेटे राजू बेग के रूप में की गई थी। चेनारी के तत्कालीन थानाध्यक्ष शंभू कुमार-2 के द्वारा इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और न ही उन्होंने अपने वरीय पदाधिकारियों तथा वन विभाग को सूचित किया। साथ ही गिरफ्तार अभियुक्त राजू बेग को पीआर बॉन्ड पर थाने से ही छोड़ दिया गया था। 

 

इसके बाद घटना की सूचना रोहतास वन विभाग को मिली। तब वन विभाग के द्वारा चेनारी थाना परिसर से ही काला हिरण का पांच किलो मांस और मांस लगा काले हिरण का सींग बरामद किया गया था। इसे लेकर वन विभाग द्वारा तत्कालीन थानाध्यक्ष शंभू कुमार-2 के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें अभियुक्त बनाते हुए प्राथमिक की दर्ज की गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही रोहतास एसपी विनीत कुमार ने पूरे मामले में जांच का आदेश सासाराम अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दिया था।

उसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सासाराम ने जांच में पुलिस अवर निरीक्षक शंभू कुमार-2 को इस मामले में काफी अनियमितता बरतते हुए अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के लिए दोषी पाया। इसके बाद जांच प्रतिवेदन के आधार पर तत्कालीन थानाध्यक्ष शंभू कुमार-2 को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ रोहतास जिला विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। उसमें जांच पदाधिकारी ने पुलिस अवर निरीक्षक शंभू कुमार-2 को दोषी पाया।

 

जांच रिपोर्ट के आधार पर शाहाबाद क्षेत्र के डीआईजी नवीन चंद्र झा ने पूरे मामले की गहराई से जांच की। फिर तत्कालीन थानाध्यक्ष चेनारी शंभू कुमार-2 को अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता, संदिग्ध आचरण और अपने पद का दुरुपयोग कर अनैतिक लाभ के आरोप में दोषी पाया। उसके बाद चेनारी थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

 

वहीं, डीआईजी नवीन चंद्र झा ने बताया कि बिहार पुलिस द्वारा जीरो टॉलरेंस के आधार पर अपने कर्तव्यों का अच्छे तरीके से निर्वहन किया जा रहा है। इसमें लापरवाही बरतने वाले चाहे जो भी पुलिस कर्मी या पुलिस पदाधिकारी हों, उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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