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मंत्री आलोक मेहता की फाइल फोटो।
– फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्षी दलों के संगठन I.N.D.I.A . को घमंडिया कहने पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेता अब प्रधानमंत्री पर सवाल खड़े कर रहे हैं। राजद कोटे से बिहार सरकार के मंत्री आलोक मेहता बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने I.N.D.I.A . को घमंडिया कहा। इसके मैं शर्मिंदा हूं। देश के प्रधानमंत्री ने इस तरह की बात कही है। घमंडिया शब्द का इस्तेमाल अगर प्रधानमंत्री ने किया तो मैं शर्मिंदा हूं। देश के प्रधानमंत्री इस तरह के शब्द का प्रयोग कर रहे हैं यह दुखद है।
दूसरे धर्म पर आक्षेप लगाने वालों को गिरेबान में झांकना चाहिए
वहीं I.N.D.I.A . गठबंधन सनातन धर्म को बेइज्जत करने के लिए बना है, भाजपा नेताओं द्वारा दिए गए इस बयान मंत्री आलोक मंत्री ने कहा कि किसी भी धर्म की बेइज्जती पार्टियों द्वारा नहीं होनी चाहिए। जो लोग दूसरे धर्म पर आक्षेप लगाते हैं, उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। इस्लाम या किसी और धर्म के प्रति उनका क्या रवैया रहा है। ऐसे लोगों को धर्म पर बोलने का कोई हक नहीं है। हमारा संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। इसलिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कानूनी रूप से कोई बात हो तो उसपर बात की जा सकती है। वरना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग कोई भी कर सकता है।
जी-20 की बैठक कोई राजनीतिक विषय नहीं
दिल्ली में होने वाले जी-20 की बैठक पर मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि यह कोई राजनीतिक विषय नहीं है सभी राज्यों के मुख्यमंत्री जा रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जा रहे हैं। मुझे नहीं लगता है कि इस मामले में कोई राजनीति होनी चाहिए।
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