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व्यवहार न्यायालय सीतामढ़ी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीतामढ़ी कोर्ट में उस समय अफरातफरी का माहौल हो गया जब न्यायालय में दो आरोपित की स्थान पर दो फर्जी युवक के उपस्थित होकर फर्जीवाड़ा करने की कोशिश किये। लेकिन अभियुक्तों की पहचान सत्यापन के दौरान दोनों को चिन्हित कर लिया गया। न्यायाधीश ने तुरंत आदेश जारी कर उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया और पुलिस ने उसी समय दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की जगह फर्जी युवक हुए थे हाजिर
दरअसल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में दो आरोपितों के स्थान पर दो फर्जी युवक उपस्थित हुए। उनके उपस्थित होते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने सत्यापन के दौरान दोनों को फर्जी बताकर उसका विरोध करने लगे। उसी समय अचानक अफरातफरी का माहौल हो गया। दोनों आरोपितों को फर्जी के रूप में पहचान होते ही न्यायाधीश के आदेश पर पकड़कर डुमरा पुलिस के हवाले कर दिया गया। पकड़े गये फर्जी आरोपित की पहचान गाढ़ा थाना क्षेत्र के मानिक चौक निवासी मो. कशमुद्दीन और मो. नेहाल के रूप में की गई। जो किसी अन्य के जगह पर दोनो कोर्ट में हाजिर हो गए थे।
वाद पुकार के दौरान हुई पहचान
जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मंच लिपिक सुनील कुमार श्रीवास्तव के बयान पर डुमरा थाने में एफआईआर करायी गई जिसमें यह बताया गया है कि सत्र वाद संख्या 494/2019 में फैसला सुनाया जाना था। इसमें 15 अभियुक्त की उपस्थिति पत्र न्यायालय में दाखिया गया है, जिसे अधिवक्ता प्रभास कुमार द्वारा हस्ताक्षरित किया गया है। वाद पुकार के बाद न्यायालय में 15 व्यक्ति न्यायालय कक्ष में उपस्थित हुए। अभियुक्तों की पहचान सत्यापन के दौरान दो अभियुक्त प्यारे नदाफ और अली नदाफ के स्थान पर मो. नेहाल और मो. कशमुद्दीन उपस्थित हुए। उक्त दोनों युवकों ने न्यायिक आदेश प्राप्त करने के लिए न्यायालय के साथ दुष्प्रेरण, आपराधिक षडयंत्र कर छल, धोखाधड़ी और फरेब का किया है। इस संबंध में डुमरा थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि गिरफ्तार दोनों व्यक्ति के विरूद्ध न्यायालय के आदेश पर एफआईआर कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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