[ad_1]

गॉर्ड ऑफ ऑनर देते पुलिस अधिकारी के साथ पुलिसकर्मी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार पुलिस ने एक जवान दारोगा खोया। ड्यूटी के दौरान शहीद कहा जाएगा 2018 बैच के सब-इंस्पेक्टर प्रभात रंजन को। लेकिन, उस बुजुर्ग महिला का क्या? वह तो बीमार दिल्ली में पड़ी हैं। उनके दो बेटे साथ में हैं, लेकिन बीमार हैं। प्रभात रंजन की पत्नी ही सेवा कर रही। प्रभात रंजन ही परिवार के इकलौते पूत थे। दो छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गए। अब आगे क्या होगा? ऐसे सवालों के साथ सुबह करीब आठ बजे से प्रभात के शव को परिजनों के स्पर्श का इंतजार है। रात 10 बजे तक संभवत: परिवार के लोग पहुंचेंगे जमुई।
सब-इंस्पेक्टर प्रभात रंजन बन चुके थे पब्लिक फ्रेंडली
बालू माफियाओं के ट्रैक्टर से कुचलकर जान गंवाने वाले सब-इंस्पेक्टर प्रभात रंजन 2018 बेच के दारोगा थे। उन्होंने मार्च 2023 में जमुई जिले के गरही थाना में योगदान दिया था। तब से ही गरही थाना को पब्लिक फ्रेंडली बनाने में लगे थे। बताया है जाता है कि सब-इंस्पेक्टर प्रभात रंजन घर एकलौता कमाऊ सदस्य थे। उनकी सैलरी से घर चलता था। प्रभात रंजन का पूरा परिवार दिल्ली में रहता है। प्रभात रंजन शादीशुदा थे। आठ साल का एक बेटा और 10 साल की बेटी है। प्रभात रंजन की मां के अलावा दो भाई भी हैं। वह भी बीमार बताए जा रहे हैं। मां का इलाज भी दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है।
वैशाली में होगी अंत्येष्टि
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रभात रंजन के एक रिश्तेदार नवादा जिला में जमुई पहुंचे, हालांकि बहुत जानकारी नहीं दे सके। अबतक की जानकारी के अनुसार रात करीब 10 बजे तक दिल्ली से परिजन जमुई पहुंचेंगे और फिर शव को वैशाली जिले के महनार लेकर जाएंगे। वहीं अंत्येष्टि होगी। मृतक एसआई का शव मलयपुर पुलिस लाइन ले जाया गया। एसआई प्रभात रंजन को एसपी डॉ. शौर्य सुमन, एसडीपीओ सतीश सुमन, मुख्यालय डीएसपी अभिषेक कुमार सिंह सहित सभी थानाध्यक्ष ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। घटना से आहत डीएम राकेश कुमार और एसपी डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि जिले में किसी भी बालू माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। मृतक एसआई के प्रति गहरी संवेदना है। उनके परिजनों के लिए जमुई के सभी पुलिसकर्मी अपने एक दिन का वेतन सहयोग के रूप में देंगे। साथ ही, सरकार से मिलने वाले लाभ भी जल्द दिलाया जाएगा।
[ad_2]
Source link