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जदयू के मुख्य प्रवक्ता सह विधान पार्षद नीरज कुमार और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिता का नाम एक खुद का नाम अनेक
जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार का कहना है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के नाम में बहुत हेरफेर है। उनका कहना है कि मैट्रिक में उनका नाम सम्राट चौधरी मौर्य था, 2005 में राकेश कुमार, 2010 में सम्राट चौधरी उर्फ राकेश कुमार और 2020 में उनका नाम सम्राट चौधरी नाम बताया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष के साथ साथ इनका नाम बदलता रहा लेकिन सभी में पिता का नाम शकुनि चौधरी ही रहा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही व्यक्ति, एक ही पिता के पुत्र के इतने नाम कैसे हो सकते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इतने नामों में कौन सा नाम सही और कौन गलत है?
उम्र पर भी उठाये सवाल
जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम के साथ साथ उनके उम्र पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा है कि खुद को सबसे बड़ा ज्ञानी समझने वाले भाजपा नेता ने अपनी उम्र को लेकर संविधान की भी धज्जियां उड़ाई हैं। नीरज कुमार ने कहा कि 2005 में उनकी उम्र 26 वर्ष थी, 2010 में 28 वर्ष और 2020 में 51 वर्ष उम्र बताई गई है। अब सम्राट चौधरी यह बताएं कि इसमें उनका सही उम्र कौन सा है।
डिग्री को कहा फर्जी
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने सम्राट चौधरी के पढाई लिखाई और उनकी शैक्षणिक डिग्री पर भी सवाल उठाए। सम्राट चौधरी ने जहां से डी.लिट की उपाधि ली है, उसका नाम तो ब्रह्मांड में ही कहीं नहीं है। वहीं पीएचडी के लिए सम्राट चौधरी ने अमेरिकी विश्वविद्यालय पब्लिक यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया का नाम दिया है। जबकि अमरीकी सरकार के अनुसार अमरीका में कैलिफ़ोर्निया नाम से सिर्फ़ दो यूनिवर्सिटी है। पहली है कैलिफ़ोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी और दूसरी है यूनिवर्सिटी ओफ़ कैलिफ़ोर्निया।
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