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मृत नवजात के साथ परिजन
– फोटो : अमर उजाला
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बेतिया में एक नवजात की मौत हो गई। मामला बेतिया के अनुमंडलीय अस्पताल की है। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस के अभाव में मेरे बच्चे की मौत हो गई। उनका कहना है कि एम्बुलेंस के लिए लगभग दो घंटे तक वह 102 पर फोन लगाते रहे लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सका जिस वजह से मेरे बच्चे की मौत हो गई। अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक अब इसे ईएमटी की लापरवाही बताते हुए उसपर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
दो घंटे तक अस्पताल में लगाते रहे चक्कर
घटना के संबंध में सेमरा गांव निवासी विजय राजभर ने बताया कि उनकी पत्नी रूबी देवी प्रसव के लिए बुधवार को अनुमंडलीय अस्पताल आये थे, जिनका प्रसव गुरुवार की सुबह में हो गया। प्रसव के कुछ देर बाद ही नवजात की स्थिति अचानक बिगड़ने लगी। देखते ही देखते उसकी स्थिति काफी बिगड़ गई। उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए GMCH बेतिया के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस की उपलब्धता के संबंध में पूछे जाने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें 102 पर कॉल करने के लिए कहा। विजय राजभर ने बताया कि करीब दो घंटे तक फोन लगाते रह गये लेकिन न तो
102 पर फोन लगा और न ही अस्पताल में कोई व्यवस्था हो पाई। एंबुलेंस के लिए विजय अस्पताल के चक्कर काटते रह गये लेकिन उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल पाया और अंत में नवजात की मौत हो गई। विजय राजभर ने बताया कि सुबह 7:00 बजे बच्ची रेफर की गई। इस बीच एंबुलेंस के लिए इधर से उधर चक्कर काटते रहे। एंबुलेंस ईएमटी और अस्पताल में काम करने वाले कर्मी बस यही कहते रह गये कि आप 102 पर फोन कीजिए। तकरीबन 2 घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझते हुए बच्ची दुनिया देखने से पहले ही दुनिया छोड़ गई। हालांकि मौत के तुरंत बाद 102 से बच्ची को जीएमसीएच ले जाने के लिए एंबुलेंस मिल गया।
प्रभारी उपाधीक्षक ने कहा0- करेंगे कार्रवाई
अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉक्टर के.बी.एन सिंह ने बताया कि ईएमटी के लापरवाही से यह हादसा हुआ है। ईएमटी के संबंधित विभाग को ईएमटी के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा गया है।
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